महिलाओं के अंडरवियर का बीच से क्यों उड़ जाता है रंग

महिलाओं के अंडरवियर का बीच से क्यों उड़ जाता है रंग

महिलाओं के अंडरवियर का बीच से क्यों उड़ जाता है रंग – लड़कियों की और महिलाओं के अंडरवियर का रंग उड़ जाता है । इसके पीछे क्या कारण है । आपने देखा होगा कि लड़कियां और महिलाएं जो अंडरवियर पहनती है उस अंडरवेयर का जहां पर योनि का द्वार होता है उसके आसपास के क्षेत्र का रंग बदल जाता है । जैसे कि मान लो कि किसी भी महिला की अंडरवियर का रंग लाल है तब उस महिला की योनि के आसपास के क्षेत्र में अंडर वियर का रंग पीला हो जाता है या फिर सफेद हो जाता है या फिर कोई और रंग का हो जाता है ।ऐसा क्यों होता है इसके पीछे क्या कारण है कि लड़कियों की और महिलाओं की अंडरवियर का रंग बदल जाता है ।

क्यों उड़ जाता है अंडरवेयर का रंग – महिलाएं और लड़कियां जिस भी कलर की अंडरवियर पहनती है योनि के आसपास के क्षेत्र में अंडरवियर का रंग उड़ जाता है और बदल करके कोई और रंग हो जाता है इसके पीछे लड़कियों की और महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ हैं । लड़कियों की और महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ अम्लीय प्रकृति के होते हैं । जब कोई वस्तु अम्लीय प्रकृति के किसी पदार्थ के साथ संपर्क में आती है तब उन दोनों में क्रिया होने के कारण रंग बदल जाता है । क्योंकि वह उसके साथ अभिकक्रिया करके नया रंग बना लेता है ‌ ।

महिलाओं की और लड़कियों की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ का पीएच मान चार से पांच होता है । जो कि अम्लीय प्रकृति का होता है । यह तरल पदार्थ महिलाओं की योनि से निकल करके लड़कियों की और महिलाओं की अंडरवियर के साथ संपर्क में आता है । योनि से निकलने वाला तरल पदार्थ अम्लीय प्रकृति के होने के कारण लगातार कई दिनों तक अंडरवियर के संपर्क में रहने के कारण धीरे-धीरे अंडरवियर का कलर चेंज होने लगता है और ऐसा लगता है कि योनि के आसपास के क्षेत्र मैं अंडरवियर का कलर उड़ गया है ।

प्राकृतिक रूप से योनि की सफाई करने वाले तरल पदार्थ योनि से बाहर निकलते रहते हैं । जिससे कि प्राकृतिक तौर पर योनि की सफाई होती रहती है। इसी कारण से लड़कियों को और महिलाओं को साबुन से योनि की सफाई करने की जरूरत नहीं पड़ती है । यदि कोई महिला साफ पानी से योनि को धो लें तो योनि की सफाई हो जाती है।

लड़कियों की और महिलाओं की योनि से निकलने वाला अम्लीय तरल पदार्थ बैक्टीरिया को और फंगस को योनि के आसपास में पनपने से और फैलने से रोकते है । साथ ही योनि की सफाई भी करता है । योनि से निकलने वाले अम्लीय प्रकृति के इस तरल पदार्थ में बैक्टीरिया और फंगस पनप नहीं पाते हैं और इस प्रकार प्राकृतिक रूप से महिलाओं का शरीर महिलाओं की योनि को कीटाणुओं से और बैक्टीरिया से सुरक्षित रखता है।

महिलाओं के अंडरवियर का रंग महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल अम्लीय पदार्थ से उड़ जाता है । इसी कारण से महिलाएं जो अंडरवियर पहनती है कुछ समय बाद धीरे-धीरे उस अंडरवियर का योनि के आसपास के क्षेत्र से रंग बदलने लगता है । पूरी अंडरवेयर का रंग तो वैसा ही रहता है लेकिन जहां पर योनि का मुख्य द्वार होता है वहां के आसपास के क्षेत्र में अंडरवेयर का रंग या तो उड़ जाता है या बदल करके कोई दूसरा रंग हो जाता है आमतौर पर सफेद या पीला हो जाता है ।

लेडीज अंडरवियर का रंग उड़ने के पीछे महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ होते हैं जो कि अम्लीय प्रकृति के होते हैं । इस कारण से लेडीज अंडरवियर का रंग उड़ जाता है ।

ladki ki underwear का रंग या तो उड़ जाता है या बदल जाता है या फिर वहां का रंग फीका पड़ जाता है । यह सभी लड़कियों के प्राइवेट पार्ट से निकलने वाले तरल पदार्थ के कारण होता है। ladki ki underwear कल रंग बदल जाना किसी तरल पदार्थ के कारण होता है ।

लड़कियों की और महिलाओं के अंडरवियर का रंग उड़ जाता है । इसके पीछे क्या कारण है । आपने देखा होगा कि लड़कियां और महिलाएं जो अंडरवियर पहनती है उस अंडरवेयर का जहां पर योनि का द्वार होता है उसके आसपास के क्षेत्र का रंग बदल जाता है । जैसे कि मान लो कि किसी भी महिला की अंडरवियर का रंग लाल है तब उस महिला की योनि के आसपास के क्षेत्र में अंडर वियर का रंग पीला हो जाता है या फिर सफेद हो जाता है या फिर कोई और रंग का हो जाता है ।ऐसा क्यों होता है इसके पीछे क्या कारण है कि लड़कियों की और महिलाओं की अंडरवियर का रंग बदल जाता है ।

क्यों उड़ जाता है अंडरवेयर का रंग – महिलाएं और लड़कियां जिस भी कलर की अंडरवियर पहनती है योनि के आसपास के क्षेत्र में अंडरवियर का रंग उड़ जाता है और बदल करके कोई और रंग हो जाता है इसके पीछे लड़कियों की और महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ हैं । लड़कियों की और महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ अम्लीय प्रकृति के होते हैं । जब कोई वस्तु अम्लीय प्रकृति के किसी पदार्थ के साथ संपर्क में आती है तब उन दोनों में क्रिया होने के कारण रंग बदल जाता है । क्योंकि वह उसके साथ अभिक
क्रिया करके नया रंग बना लेता है ‌ ।

महिलाओं की और लड़कियों की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ का पीएच मान चार से पांच होता है । जो कि अम्लीय प्रकृति का होता है । यह तरल पदार्थ महिलाओं की योनि से निकल करके लड़कियों की और महिलाओं की अंडरवियर के साथ संपर्क में आता है । योनि से निकलने वाला तरल पदार्थ अम्लीय प्रकृति के होने के कारण लगातार कई दिनों तक अंडरवियर के संपर्क में रहने के कारण धीरे-धीरे अंडरवियर का कलर चेंज होने लगता है और ऐसा लगता है कि योनि के आसपास के क्षेत्र मैं अंडरवियर का कलर उड़ गया है ।

प्राकृतिक रूप से योनि की सफाई करने वाले तरल पदार्थ योनि से बाहर निकलते रहते हैं । जिससे कि प्राकृतिक तौर पर योनि की सफाई होती रहती है। इसी कारण से लड़कियों को और महिलाओं को साबुन से योनि की सफाई करने की जरूरत नहीं पड़ती है । यदि कोई महिला साफ पानी से योनि को धो लें तो योनि की सफाई हो जाती है।

लड़कियों की और महिलाओं की योनि से निकलने वाला अम्लीय तरल पदार्थ बैक्टीरिया को और फंगस को योनि के आसपास में पनपने से और फैलने से रोकते है । साथ ही योनि की सफाई भी करता है । योनि से निकलने वाले अम्लीय प्रकृति के इस तरल पदार्थ में बैक्टीरिया और फंगस पनप नहीं पाते हैं और इस प्रकार प्राकृतिक रूप से महिलाओं का शरीर महिलाओं की योनि को कीटाणुओं से और बैक्टीरिया से सुरक्षित रखता है।

महिलाओं के अंडरवियर का रंग महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल अम्लीय पदार्थ से उड़ जाता है । इसी कारण से महिलाएं जो अंडरवियर पहनती है कुछ समय बाद धीरे-धीरे उस अंडरवियर का योनि के आसपास के क्षेत्र से रंग बदलने लगता है । पूरी अंडरवेयर का रंग तो वैसा ही रहता है लेकिन जहां पर योनि का मुख्य द्वार होता है वहां के आसपास के क्षेत्र में अंडरवेयर का रंग या तो उड़ जाता है या बदल करके कोई दूसरा रंग हो जाता है आमतौर पर सफेद या पीला हो जाता है ।

लेडीज अंडरवियर का रंग उड़ने के पीछे महिलाओं की योनि से निकलने वाले तरल पदार्थ होते हैं जो कि अम्लीय प्रकृति के होते हैं । इस कारण से लेडीज अंडरवियर का रंग उड़ जाता है ।

ladki ki underwear का रंग या तो उड़ जाता है या बदल जाता है या फिर वहां का रंग फीका पड़ जाता है । यह सभी लड़कियों के प्राइवेट पार्ट से निकलने वाले तरल पदार्थ के कारण होता है। ladki ki underwear कल रंग बदल जाना किसी तरल पदार्थ के कारण होता है ।

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