लक्ष्य हासिल करने के 10 जबदस्त तरीक

आइये जानते हैं लक्ष्य कैसे हासिल करें :~ ज़रा सोचिये की आपको मुम्बई मे किसी रिश्तेदार का घर ढूँढ़ना है, आपके पास उनके घर तक पहुचने का नक्शा भी नही है, और ना ही आप जानते हैं की वो किस मौहल्ले या ईलाके मे रहते हैं

आपको केवल उस रिश्तेदार का नाम मालूम है तथा अगर आप उन्हे देखेंगे तो पहचान लेंगे । आपको क्या लगता है की आप कब तक उन तक पहुच जाएगे । शायद आप वहाँ कभी न पहुच पाए, क्योकि मुम्बई कोई छोटा-मोटा शहर नही है ये देश की आर्थिक राजधानी है जिसकी आबादी 2 करोड है । इसी तरह ये जिंदगी भी एक बड़े शहर की तरह हैं । और इस शहर मे जो आपके रिश्तेदार का घर है वो आपकी सफलता है

। तो अब सवास उठता है की उस घर यानी सफलता तक कैसे पहुचा जाए ? इसके लिए आपको उस घर के नक्शे मतलब की लक्ष्य की जरूरत पढ़ेगी । बिना लक्ष्य के आप पुरी जिंदगी भटकते रहेगे लेकिन सफलता की मंजिल तक कभी नही पहुच पाएगे ।

मेरे अनुसार ये जिंदगी एक नदी की तरह है जिसमें हर व्यक्ति बिना सोचे समझे कूद जाता है और नदी का बहाव उसे अपनी मर्जी के अनुसार चलाता है । मगर जो लोग लक्ष्य बनाते है वो उस व्यक्ति की तरह है जो नदी में नाव के साथ कूदते हैं और अपनी मर्जी के मुताबिक मंजिल तक पहुचते हैं ।

उन्हे पानी बहाव कन्ट्रोल नही करता बल्कि वो पानी के वहाब को कन्ट्रोल करते हैं । तो आपकी किस की तरह बनना है क्या आप उस आदमी की तरह बनना चहाते है जो पुरी ढोकर खाता फिरता है या उस ऐसा शख्य बनना है जो खुदके और दूसरों के लिए मिसाल होता है ।

इसके लिए फिर आपको जिंदगी मे इतना ऊपर उठना होगा की आपको देखने के लिए लोगो की नज़रें एंव सर खुद ब खुद ऊपर उठ जाए लेकिन वहाँ तक पहुचने के लिए आपको स्पष्ट और शक्तिशाली Goals की जरूरत पडेंगी ।

आपकी अन्दर असीम सम्भावनाए है जिन्हे लक्ष्य सही आकर देते हैं । अगर आप लक्ष्य बना कर अपनी क्षमताओ का उपयोग नही कर रहे हैं तो उसी तरह हो गया की आपने किसी ऐसे व्यक्ति के हाथ दुनिया का सबसे कीमती हीरा दे दिया जो देख, बोल और सुन नही सकता । दुनिया के सबसे बड़े Success gurus मे से एक ब्रेन ट्रेसी ( Brain tracy ) कहते हैं “आम इंसान की संभावना उस महासागर की तरह है, जिसमे यात्रा नही की गई है ।

उस महाद्वीप की तरह है जिसे खोजा नही गया है। उस शख्स की संभावनाों की पूरी दुनिया मुक्त होने और महान काम करनेके लिए मार्गदर्शन का इंतज़ार कर रही है लेकिन वो अधेंरा गुफा में ये सोच कर रो रहा है की उस तक रोशनी क्यो नही आ रही ।

chicken soup for the soul किताबो की सीरीज के लेखक जेक कैनफील्ड ( Jack canfield ) कहते है “सफलता कोई एक्सीडेन्ट नही है और ना ही असलता कोई एक्सीडेन्ट है ये तो आपके द्वारा लिये गए लगातार एक्शन का रिज़ाल्ट का है ।

तो अब आपको मन मे सवाल उठ रहा होगा की जब लक्ष्य बनाना और उन्हे हासिल करना इतना जरूरी है तो हर कोई लक्ष्य क्यो नही बनाता ?

लोग लक्ष्य क्यो नही बनाते ( Why people set goals )

इसके काई कारण हो सकते हैं लोगो से विचार और Beliefs उनके जीवन मे बहुत अहम रोल निभाती है तथा इनकी खुदके और दूसरों के प्रति धारणाए भी कम महत्वपूर्ण नही हैं लेकिन फिर भी कुछ मुख्य कारण होते जिसकी वजह से लोग लक्ष्य नही बनाते जैसे……

▪ लक्ष्य की अहमियत के बारे पता न होना
▪ ज्ञान का अभाव
▪ खुद की क्षमताओ पर यकीन ना होना
▪ Low confidence
▪ सही मार्गदर्शन की कमी
▪ निराशावादी विचार और नकारात्मक सोच
▪ खुदके प्रति कमजोर Beliefs
▪ सही Plan और Actions की कमी

 

चलिए अब जानते हैं लक्ष्य कैसे हासिल करें

 

लक्ष्य कैसे प्राप्त करें ( Lakshya kaise prapt kare )

 

लक्ष्य कैसे हासिल करें

    लक्ष्य कैसे हासिल करें

अब हम आपको Step by step लक्य हासिल करने का तरीका बता रहे हैं और बीच-बीच में आपको महान लोगों के बिचारों से अवगत कराया जाएगा ताकि आपके दिमाग मे लक्ष्यो के महत्वता बनी रहे तो चलिए जाने लक्ष्य कैसे हासिल करें ( Lakshya kaise prapt kare / how to achieve goals in hindi )

*. 1~ अपने लक्ष्य तय करीये *

मुझे एक फ्लोरंस चैडविक नाम की महिला की याद आ रही है । जिसने इंग्लिश चैनल तैर कर पार किया और 4 जुलाई 1952 कैटलिना चैनल पार करने वाली दुनिया की पहली महिला बनने वाली थी | पुरी दुनिया की नज़रे उसपर थी । चैडविक घने कोहरे और हड्डियां जमा देने वाली सर्दी मे आगे बढ़े जा रही थी लेकिन जब-जब उसने अपने चश्मे से झाँक कर देखा तो उसे केवल घना कोहरा नज़र आया । किनारा नज़र न आने की वज़ह से उसने हार मन ली । लेकिन चैडविक को सबसे बड़ा सदमा तब पहुचा जब उसे पता चला की किनारा उससे सिर्फ आधा मील दूर था । यानी अगर वो थोडा और प्रयास करती तो कैटलिना चैनल पार कर के इतिहास रच देती लेकिन लक्ष्य साफ न होने के कारण वो अपनी मंजिल तक नही पहुच पाई |

इस कहानी से हमें ये सीख तो मिलती है की कुछ भी हो जाए हमे हार नही माननी चाहिए लेकिन साथ में ये भी सबक मिलता है की अगर Goal स्पष्ट न हो तो हम लक्ष्य के करीब होने के बाद भी उस तक नही पहुच सकते ।

इसलिए लक्ष्य एकदम स्पष्ट होना चाहिए
जैसे- आपका लक्ष्य मोटापा कम करना है तो आप अपना Goal कुछ इस तरह Announce करेंगेस” मै 10 किलो वजन कम करना चहाता है” लेकिन ये स्पष्ट Goal नही है इसके बजाए आप कह सकते हैं मे 12 दिसम्बर 2020 को 70 किलो का हो जाएगा ।

दूसरा वाक्य अलग सा लग रहा है लेकिन इस वाक्य में परिणाम ज्यादा अच्छी तरह दिख रहें साथ मे उस Goal तक पहुचने का समय भी पता चलता है इसलिए ये पहले वाले से ज्यादा स्पष्ट है ।

इसलिए आपको स्पष्ट लक्ष्य ( Clear goals ) बनाने चाहिए इस बात का ध्यान रखें की जब आप लक्ष्य बनाए तो बडे़ से बड़ा बनाने की कोशिश करें क्योकि निशाना जितना ऊँचा होता है, तीर उतना ही ऊपर जाता है । अगर आप लक्ष्य बना रहे हैं, तो बडे से बड़ा बनाने की कोशिश करें ।

हो सकता है की बड़ा लक्ष्य होने के कारण आप उसे हासिल न कर पाए लेकिन उसे हासिल करने की प्रक्रिया में आप जिस तरह के इंसान बनेगे वही आपके लक्ष्य बनाने का ईनाम होगा ~ By #JIM ROHN

*. 2~ अपने लक्ष्य कागज पर लिखें *

2006 में USA TOday ने एक स्टाडी की, इस स्टाडी में बहुत बड़ी तदात मे लोगो ने हिस्सा लिया था । इस स्टाडी वो लोग शामिल थे जो नए साल वाले दिन अपने लिए आने साल के लिए लक्ष्य बना रहे थे। इस स्टाडी लोगो को दो समूहों मे बाँटा गया, पहले समूह में वो लोग थे जिन्होने लक्ष्य बनाए थे और उन्हे कागज पर लिखा था जबकि दूसरे समूह मे वो लोग थे जिन्होने लक्ष्य बने मगर उन्हे कागज पर नही लिखा |

ये स्टाडी बारह महीनों तक उन लोगो पर चलती रही है । और जब स्टाडी का परिणाम सामने आया तो सब हैरान रह गए क्योकि जिन लक्ष्य बनाए थे और उन्हे केवल अपने दिमाग मे रखा था उनमे से सिर्फ 4 प्रतिशत लोग ही अपने लक्ष्यों तक पहुच पाए और जिन लोगो ने लक्ष्यों को कागज पर लिखा था उनमे से 44 प्रतिशत लोग अपने Goals Achieve करने मे सफल रहेें |

तो अब समझ गए होगे की लक्ष्यों को लिखने में और सिर्फ उन्हे दिमाग में रखने से कितना बड़ा अंतर पैदा हो जाता है । जब हम अपने लक्ष्यो को कागज पर लिखते हैं तो इससे वो लक्ष्य केवल मानसिक इच्छा नही रहता बल्कि शारीरिक दशा मे आ जाता है । जिसे हम देख और छू सकते हैं ।

यदि आप डेली सुबह उठने के बाद अपने लक्ष्यों को लिखते हैं तो उन्हे Achieve की संभावना और बढ़ जाती है क्योकि इससे वो लक्ष्य आपके अवचेतन मन ( Subconscious mind ) तक पहुच जाता है । अगर आप इन्टरनेट पर जितने भी सफल लोगो के डेली रूटीन के बारे में पढ़ेगे तो आपको ज्यादातर की दिनचर्या मे एक बात Common नज़र आएगी की वो सभी प्रतिदिन अपने लक्ष्यों को लिखते हैं ।

अगर आप अपनी लाइफ से बोर हो गए हैं, अौर सुबह उठने के बार अपनी जिंदगी के प्रति उत्साह महसूस नही होता, तो इसका मतलब है की आपने कभी कोई लक्ष्य नही बनाए ~ By #LOU HOLTZ

*. 3~ लक्ष्यों को हासिल करने की समयीमा बनाए *

बिना समयसीमा बनाए Goals का कोई वाजूद नही है । जब आप किसी Goal को Achieve करने के लिए Deadline सेट करते है तो इससे आपके सामने एक साफ तस्वीर बन जाती है की कब आप उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करेगे और कब तक वो हासिल हो जाएगा |

इसके अलावा Deadline सेट करने का एक फायदा ये भी है की इससे हम पर दबाव बनता है की हम समयसीमा के अन्दर उस लक्ष्य को हासिल करें । अगर आपको जरूरत महसूस हो तो आप Sub deadlines बना सकते हैं । इससे आपको बना लक्ष्य बड़ा नही लगेगा क्योकि एक समय पर एक छोटी Deadline तक ही पहुचने की कोशिश करेंगे

*. 4~ उन सभी चीजों की लिस्ट बनाईये जो आप लक्ष्य पूरा करने के लिए करेंगे *

लक्ष्य ( Goal ) पूरा करने के लिए सबसे जरूरी है की आप उन चीजों को करें जिसने आपके लक्ष्य हासिल होगे । इसके लिए आपको एक लिस्ट बनानी होगी जिसमे आप Goals से सम्बन्धित Activities लिखेगे ।

उस लिस्ट मे आपको उन सभी चीजों के बारे मे लिखना है जो Goal को Achieve करे की यात्रा में करेंगे जैसे- आप किन लोगो से मिलेगे, किस तरह कि किताबें पढ़ेेगे, कौनसी जगह जाएगें, कौनसा कोर्स करेंगै या कौनसी Skill सीखेगे ।

लिस्ट बनाने के लिए Brainstorming विधि का इस्तेमाल कर सकते हैं । Brainstorming विधि दुनिया के सबसे मशहूर आत्म-सुधार गुरू ब्रैन ट्रैसी के द्वारा बताई गई है । इस विधि मे आप खाली कागज पर उन 21 कामों के बारे मे लिखते है जिनके द्वारा आप Goals achieve करेगे | 8 से 10 चीजों के लिस्ट तो आप आसानी से बना लेगे लेकिन 21 चीजों की लिस्ट बनाने मे आपको थोडी कढनाई होगी जिसके कारण आपको ज्यादा मानसिक शक्ति और अपनी रचनात्मकता लगानी होगी जिससे आपके Subconscious mind को लगेगा की आप अपने लक्ष्य को लेकर बहुत गम्भीर है जिसकेे कारण आपको Subconscious mind अलग तरह के विचार आएगे |

*. 5~ अपनी लिस्ट को एक्शन प्लान मे बदलें *

आपने 80/20 रूल के बारे मे जरूर सुना होगा जिसके अनुसार हमारे 20 प्रतिशत एक्शन से 80 प्रतिशत रिज़ाल्ट आते हैं और 80 प्रतिशत एक्शन से केवल 20 प्रतिशत रिजाल्ट आते हैं । अगर आप ध्यान से देखेगे तो आपको ये रूल हर जगह नज़र आएगा । खैर आपको इस रुल के गणित मे फँसने की जरूरत नही है बस केवल इतना ध्यान रखिये की आपके कुछ ऐसे एक्शन होते है जिनके कारण आपके Goal का बड़ा हिस्सा Achieve होगा ।

इसलिए आपको जो लिस्ट बनाई है उसे एक्शन मे बदलिये मतलब कि आपने जो लिस्ट बनाई है Activities की उन्हे जितनी जल्दी हो सकें करना शुरू कर दिजिए | ज्यादातर लोग प्लान और लिस्टो बनाने में बहुत अच्छे होते है ऐसे वर्ड क्लास प्लान बना सकतेे हैं पर ये लोग एक्शन लेने मे फिसड्डी होते है लेकिन रिजाल्ट आते हैं एक्शन लेने से इसलिए कैसा प्लान हो अगर उस पर वक्त रहते एक्शन लिए जाए तो परिणाम जरूर आतै हैं ।

मगर याद रहे की आपको Action प्रथमिकता के अनुसार लेने है मतलब की जो काम सबसे जरूरी हैं उसे सबसे पहले करें और जो काम कम जरूरी है उसे आखिर में करें । इससे आप अपनी उत्पादक क्षमता का सही जगह तथा सही समय पर उपयोग कर पाएगे

*. 6~ जल्द से जल्द एक्शन लें *

जब हार्ड वर्क की बात आती है तो ज्यादातर लोग दूर भागते हैं । लेकिन जब तक आप दिलो-जान से किसी लक्ष्य पर मेहनत नही करोगे तब तक वो लक्ष्य हासिल नही हो सकता । एक 10x रूल नाम की किताब है जिसके लेखक कहते हैं यदि आप उस समयसीमा में कोई Goal Achieve करना जो आपने तय की है आपको अपने प्रयास 10 गुना बढ़ा देने चाहिए |

इसलिए आपको ज्यादा मेहनत करनी चाहिए और जितनी जल्दी हो सके अपने प्लान को एक्शन में बदल दिजिए अगर संभव हो तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद ही अपने Goals पर काम करना शुरू कर दिजिए | बरना आपका दिमाग टाल-मटोल मे आपका समय खाता रहेगा ।

*. 7~ डेली अपने लक्ष्य पर काम करिये *

आपने ऊपर जो Activities की लिस्ट बनाई थी इससे आपको पता चल गया होगा की आपको कौनसी चीजों प्रतिदिन करनी चाहिए |

आपकी लिस्ट मे जो जरूरी Activities है और जिन्हे आप प्रतिदिन कर सकते हैं उन्हे प्रतिदिन करने की आदत जरूर डालें । क्योकि लक्ष्यों से सम्बन्धित Activities को आदत बनाने से एक सिस्टम का बन जाता है जिसके बाद आप चाहे या न चाहे आप उस Acitivity को करेगे जिससे Automaticly वो Goal achieve होगा ।

*. 8~ लक्ष्य प्राप्त होने तक डाँटे रहिये *

Self-improvement के गुरू के गुरू है नेपोलियन हिल जिन्होने Think and grow rich नाम की किताब लिखी थी । नेपोलियन हिल अपनी किताब Think and grow rich मे अपने गुरू एंड्रयू कार्नेगी ( ANDREW CARNEGIE ) के जीवन की एक घटना के बारे मे बताते है जो सभी के लिए प्रेरणा का सबब बन सकती है ।

दरअस कार्नेगी को अपने दौर मे एक ऐसे शहर का पता चला था जिसमे से सोना निकस रहा, जिन वो के उस शहर मे छोटे-छोटे खेत थे वो भी अरबपति बन रहे थे | कार्नेगी ने सोचा की छोटा सा खेत लेकर क्या करूगा पुरा पहाड़ ही खरीद लेता है | जिसके उन्होने अपनी फैक्ट्री, घर, और जमापुँजी बेच तथा अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से भी कर्ज लिया ताकी वो उस शहर मे बड़ा सा पहाड़ खरीद सकें |

कार्नेगी पहाड़ खरीद लिया और पहाड खोदने के लिए बडी तदात मे मजदूर और मशीने भी रखी ।. इसके बाद उस पहाड़ को खोदने का काम महीनों चला लेकिन सोने का दूर-दूर तक नामो-निशान तक नही था |

कार्नेगी की भी चिन्ता बढ़ रही थी वो अपनी पुरी जिंदगी की कमाई उसमे लगा चुके और कर्ज भी ले लिया था | इसी महीनों पहाड की खुदाई चलती रही लेकिन कार्नेगी के हाथ मे पत्थरों के सिवाए कुछ नही लग रहा था |

कार्नेगी बुरी तरह घबरा गए उनके घर वाले भी उन पर दबाद डाल रहे थे कार्नेगी के सामने रोटी-रोजी का संकट खड़ा हो गया । ऊपर से दोस्त और रिश्तेदार भी उनसे पैसों की माँ कर रहे थे इसके अलावा कार्नेगी को मशीनों और मजदूरो का किराया भी देना पड रहा था ।

कार्नेगी हिम्मत हार गए और उन्होने उस पहाड और मशीनों को पास के किसी कबाडी को बहुत ही सस्ते दामों पर बेच दिया । लेकिन वो कबाडी होशियार था उसने किसी अच्छे इंजीनियारों तथा विशेषज्ञो की टीम से पहाड की जाँच कराई, उन लोगे ने उस कबाडी को बताया की सोना जमीन के केवल एक फीट नीचे है ।

जिसके बाद उस कबाडी ने काम चालू करा दिया और कुछ घंटो मे उसे सोना का पुरा भंडार मिल गया । जब कार्नेगी को इस बात का पता चला तो उन्हे बहुत बडा झटका पहुचा क्योकि उन्होने कई महानो तक कढी मेहनत की थी और जब हार मन जबकि सोना केवल एक फीट दूर था

असल जिंदगी में बहुत सारे लोग कार्नेगी सहाब की गलतियां दोहराते हैं वो अक्सर उसी मोड पर हार मान लेते हैं जब सफलता उनके बहुत करीब होती है इसलिए मैं आपसे दरखास्त करूगा की अगर आप कोई लक्ष्य बनाते है तो उस को पूरा ही कर के दम लें और किसी भी हालत मे Give up न करें क्योकि हो सकता है आप उस मोड पर हार मान रहे हों जब सफलता आपके बहुत नजदीक ।

जीवन में कभी हार न माने क्योकि अक्सर हार मानने की इच्छा उस वक्त सबसे ज्यादा ताकतवर होती है जब आप जीत के बहुत करीब होते हैं ~ By #ANDREW CARNEGI

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