गलती से प्रेग्नेंट हो जाए तो क्या करें । agar galti se pregnant ho jaye to kya karen , kya karne se ladki pregnant ho jaati hai

गलती से प्रेग्नेंट हो जाए तो क्या करें । agar galti se pregnant ho jaye to kya karen , kya karne se ladki pregnant ho jaati hai

गलती से प्रेग्नेंट हो जाए तो क्या करें । प्रेग्नेंट हो जाए तो क्या करें । agar galti se pregnant ho jaye to kya karen , kya karne se ladki pregnant ho jaati hai , agar koi ladki pregnant ho jaye to kya kare , anchahi pregnancy kaise roke , agar bacha nahi chahiye to kya kare
प्रेगनेंसी नहीं चाहिए तो क्या करना चाहिए , प्रेगनेंसी चेक करने के घरेलू उपाय । , pregnant hone ke bad pregnancy ko kaise roke

शादी से पहले किसी भी रिश्ते में गलती से प्रेग्नेंट हो जाना हमारे समाज में एक बहुत गलत कार्य है जो कि बहुत बुरी नजरों से देखा जाता है । यह गलत कार्य लड़का और लड़की दोनों के भविष्य को अंधेरे की ओर ले जाता है।

प्रेग्नेंट हो जाए तो क्या करें । agar galti se pregnant ho jaye to kya karen

  1. हॉस्पिटल जाकर प्रेगनेंसी टेस्ट करवाएं – अगर कभी गलती से प्रेग्नेंट हो जाए तो प्रेगनेंसी टेस्ट किट पर विश्वास करने से अच्छा सबसे पहले हॉस्पिटल जाकर pregnancy test करवाएं, क्योंकि यह जरूरी नहीं कि प्रेगनेंसी टेस्ट किट परिणाम एकदम सही ही दे।
  2. किसी की मदद लें – यदि गलती से प्रेग्नेंट हो जाएं, तथा आप और आपके साथी मिलकर कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं तो इस बारे में किसी बड़े को या अपने किसी दोस्त को बताएं और उनसे सलाह लें।
  3. डॉक्टर से सलाह लें – यदि आप गलती से प्रेग्नेंट हो जाते हैं और आपको अबॉर्शन कराना है या प्रेगनेंसी को रखना है तो डॉक्टर से सलाह लिए बिना कोई भी काम ना करें।
  4. घरेलू नुस्खे ना आजमाएं – गलती से प्रेग्नेंट होने पर घरेलू नुस्खे आपको मुसीबत में डाल सकते हैं। इसलिए घरेलू नुस्खे ना आजमाएं।
  5. Abortion करवाएं – गलती से प्रेग्नेंट होने के बाद यदि आप और आपके साथी ने मिलकर अबॉर्शन का फैसला किया है तो किसी लेडी डॉक्टर से संपर्क करें। अबॉर्शन करवाने के बाद अपने साथी को अकेला ना छोड़े उन्हें चक्कर भी आ सकता है।

kya karne se ladki pregnant ho jaati hai .

प्रेग्नेंट होने के लिए यह जानना जरूरी है कि ज्यादातर लड़कियों में ओव्यूलेशन 28 दिनों के मासिक धर्म चक्र में 14वें दिन के आस पास होता है, लेकिन सभी महिलाओं के मासिक धर्म की अवधि 28 दिन हो जरूरी नहीं है । अधिकतर महिलाओं का मासिक धर्म चक्र 28 से 32 दिनों के बीच रह सकता है । ओव्यूलेशन आमतौर पर मासिक धर्म चक्र के 10वीं और 19 वे दिन के बीच होता है। इस मासिक धर्म चक्र में संबंध बनाने पर लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है।

agar ladki pregnant ho to kya kare . agar koi ladki pregnant ho jaye to kya kare

1.Proper test करवाएं – अगर लड़की प्रेग्नेंट हो तो प्रॉपर तरीके से पूरे टेस्ट करवाएं । कई बार प्रेगनेंसी टेस्ट किट सही रिजल्ट नहीं देते हैं, तो बेहतर होगा कि आप अपने साथी को हॉस्पिटल ले जाए और पूर्ण रूप से यह पुष्टि कर लें कि सच में गर्भधारण हुआ है या नहीं।

  1. एक दूसरे पर आरोप ना लगाएं – अगर लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है तो एक दूसरे पर आरोप ना लगाएं। एक दूसरे पर आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि जो हो चुका,वह हो चुका । एक दूसरे पर आरोप लगाने से स्थिति और बिगड़ जाएगी इसके बजाय शांत दिमाग से सोचें।
  2. साथी के साथ मिलकर फैसला लें – अगर लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है तो अकेले फैसला लेने से अच्छा अपने साथी के साथ मिलकर फैसला लें।आपको अबॉर्शन करवाना है या प्रेगनेंसी जारी रखनी है, इसका निर्णय अपने साथी से बात करके लें।

ladki pregnant kaise ho jati hai

ओव्यूलेशन मासिक धर्म चक्र का एक हिस्सा है। जब ओवरी से अंडा रिलीज होता है तो उस स्थिति को ओव्यूलेशन कहते हैं। ओव्यूलेशन की प्रक्रिया के चलते लड़कियों के प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है । ओव्यूलेशन की प्रक्रिया के दौरान लड़की की ओवरी से अंडा बाहर निकलकर फैलोपियन ट्यूब में जाता है। ओव्यूलेशन के दौरान संबंध बनाने पर लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है । अंडा और स्पर्म के मिलने पर प्रेगनेंसी रूकती है। फैलोपियन ट्यूब में अंडा और स्पर्म के मिलने को फर्टिलाइजेशन कहते हैं। महिला का अंडा 24 घंटे तक तथा पुरुष का स्पर्म पर 5 से 7 दिनों तक जीवित रहता है। अंडा फैलोपियन ट्यूब तक पहुंचने पर फर्टिलाइजेशन की संभावना बढ़ जाती है। फर्टिलाइजेशन के बाद एक लड़की गर्भवती हो जाती है।

anchahi pregnancy kaise roke . unchahi pregnancy kaise roke .

  1. पार्सले का सेवन – अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए पार्सले का सेवन फायदेमंद साबित होता है। अगर आपका प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आता है तो आप पार्सले की कुछ पत्तियों की चाय बनाकर पीएं। पार्सले का सेवन 1 महीने तक करने से अनचाही प्रेगनेंसी से छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है।
  2. कपास की जड़ के छिलके का सेवन – अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए कपास की जड़ के छिलके का सेवन भी किया जा सकता है । अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए कपास की जड़ के छिलके को रोजाना पीस कर पानी के साथ खाएं।
  3. अखरोट के छिलकों का सेवन – अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए आप सौ ग्राम अखरोट के छिलकों को पानी में उबालें पानी को उबालकर आधा कर लें, और उसमें दो चम्मच शहद मिलाएं अब इसे छानकर पीएं ।
  4. अंजीर – अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए रोजाना तीन से चार अंजीर का सेवन करना चाहिए। अंजीर के सेवन से ब्लड circulation तेज हो जाता है और अनचाही प्रेगनेंसी नहीं रुक जाती है।
  5. पपीता – अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए दिन में दो बार पपीता खाएं । पपीता खून के प्रवाह को ठीक करता है। पपीता के सेवन से अनचाही प्रेगनेंसी रूक जाती है।
  6. अदरक का सेवन – अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए अदरक को पीसकर पानी में उबालें । जब पानी आधा रह जाए तब इसे पिएं । दिन में दो बार अदरक के पानी का सेवन करने से अनचाही प्रेगनेंसी रूक जाती है।
  7. विटामिन सी – दिन में 1500 मिली ग्राम विटामिन सी का उपयोग करने से अनचाही प्रेगनेंसी रोकने में मदद मिलती है । विटामिन सी शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को बनने से रोकता है ,जिससे अनचाहे प्रेगनेंसी से छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है।

agar bacha nahi chahiye to kya kare . प्रेगनेंसी नहीं चाहिए तो क्या करना चाहिए

  1. ओव्यूलेशन का रखें ध्यान – अगर बच्चा नहीं चाहिए तो ओव्यूलेशन के समय संबंध ना बनाएं। ओव्यूलेशन का पूरा ध्यान रखें । ओव्यूलेशन टाइम पर महिलाओं की प्रजनन क्षमता अधिक होती है ।इसलिए ओव्यूलेशन टाइम पर शारीरिक संबंध से दूरी बनाएं।
  2. नीम की पत्तियों का सेवन – अगर बच्चा नहीं चाहिए तो आप नीम की मदद ले सकते हैं। नीम शुक्राणु की गति को कम करता है । अगर आपको लगता है कि आप प्रेग्नेंट है तो नीम की पत्तियां चबाएं।
  3. हींग का सेवन – अगर आपको बच्चा नहीं चाहिए तो हिंग का सेवन आप भी काफी मदद कर सकता है। अगर गर्भ रुक गया है तो हींग को पानी में मिलाकर ज्यादा मात्रा में सेवन करने से गर्भपात हो जाता है।
  4. गाजर के बीज खाएं – अगर बच्चा नहीं चाहिए तो गाजर प्राकृतिक गर्भनिरोधक के रूप में कार्य करती है। गाजर के एक चम्मच बीजों को रात में पानी में भिगोकर सुबह पीसकर खाली पेट पीना चाहिए।
  5. पुदीने की पत्तियां – अगर बच्चा नहीं चाहिए तो पुदीने की पत्तियों को चटनी की तरह पीसकर पानी के साथ सुबह खाली पेट पीना चाहिए ।

प्रेगनेंसी चेक करने के घरेलू उपाय । pregnancy check karne ke gharelu upay

  1. विनेगर का इस्तेमाल – प्रेगनेंसी चेक करने के लिए विनेगर में पेशाब मिलाकर प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाता है। यदि विनेगर के रंग में बदलाव आता है तो हो सकता है कि आप गर्भवती हैं।
  2. कांच के गिलास का उपयोग – प्रेगनेंसी चेक करने के लिए कांच की गिलास में यूरिन डालें । कुछ देर बाद यदि कांच के गिलास पर सफेद परत दिखाई देती है तो आप प्रेग्नेंट है।

3 . ब्लीच का करें प्रयोग – प्रेगनेंसी चेक करने के लिए एक बर्तन में ब्लीच लेकर इसमें थोड़ा यूरिन मिला दें। ब्लीच में अगर बुलबुले दिखाई देते हैं तो यह प्रेग्नेंट होने का संकेत हो सकता है।

  1. चीनी से करें प्रेगनेंसी टेस्ट – प्रेगनेंसी चेक करने के लिए एक बर्तन में चीनी लेकर इसमें यूरिन डालें। यदि चीनी आपस में चिपक जाती है तो यह प्रेग्नेंट होना दर्शाता है।
  2. साबुन से करें टेस्ट – प्रेगनेंसी चेक करने के लिए साबुन में यूरिन मिलाएं । यदि बुलबुले उठते हैं तो प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है।
  3. डेटॉल का प्रयोग – प्रेगनेंसी चेक करने के लिए किसी कांच के बर्तन में यूरिन और डेटॉल मिला लें। यदि डेटॉल यूरिन में घुल जाता है तो आप pregnant नहीं है, लेकिन यदि यूरिन ऊपर एक परत बना लेता है और तैरने लगता है तो आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं।

pregnant hone ke bad pregnancy ko kaise roke

प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए सॉल्ट –

  1. मिफेप्रिस्टोन साॅल्ट – प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए मिफेप्रिस्टोन साॅल्ट प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के प्रवाह को रोकता है, जिससे गर्भाशय का अस्तर टूट जाता है इसका नतीजा गर्भपात होता है।
  2. मिसोप्रोस्टोल साॅल्ट – प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए मिसोप्रोस्टोल साॅल्ट गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाकर करके काम करता है।
  3. मिफेप्रिस्टोन + मिसोप्रोस्टोल साॅल्ट – प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए डाॅक्टर मिफेप्रिस्टोन + मिसोप्रोस्टोल साॅल्ट के कॉन्बिनेशन की सलाह देते हैं । यह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के प्रभाव को कम करने के साथ-साथ गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाता है, जिससे गर्भपात हो जाता है।

प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए 4 दवाइयां

  1. मिफेजेस्ट किट – प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए मिफेजेस्ट किट का प्रयोग किया जाता है। यह एक अबॉर्शन किट है, जिसमें 5 गोलियां होती हैं। यह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के प्रभाव को कम करती हैं। मिफेजेस्ट की गोलियां प्रोजेस्टेरोन के प्रभाव को ब्लॉक कर देती हैं, जिससे भ्रूण को विकास के लिए जरूरी वातावरण नहीं मिल पाता और गर्भपात हो जाता है।
  2. अनवांटेड किट टेबलेट – अनवांटेड किट का इस्तेमाल प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए किया जाता है । अनवांटेड किट टेबलेट भी मिफेजेस्ट किट टेबलेट की तरह काम करती है। इसके उपयोग से 10 सप्ताह तक की प्रेगनेंसी को खत्म किया जा सकता है।
  3. फाइब्रोइज 25 एमजी टेबलेट – प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए फाइब्रोइज 25 एमजी टेबलेट का प्रयोग कर सकते हैं। फाइब्रोइज 25 एमजी टेबलेट गर्भावस्था के लिए जरूरी हार्मोन के एक्शन को रोककर काम करती है।
  4. साइटोलॉग टेबलेट – साइटोलॉग टेबलेट प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए गर्भाशय संकुचन को अधिक करके गर्भपात कराने का काम करती है ।
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