विश्वास से सफलता तक का सफर belief system in hindi

belief system in hindi आज दुनिया ऐसे लोगों से भरी पडी हैं जिन्होने ऐसे काम कर दिखाए जिसे आम लोग असम्भव मानते है । वो लोग भीड से अलग सोचते हैं । वो ऐसे काम आसानी से कर दिखाते हैं । जो आम लोग सोचने की भी कल्पना नही कर सकते ।

हजारों सालों से इंसान समझता आया था की 4 मिनट मे एक मील नही दौडा जा सकता, ये इंसानियत के लिए असम्भव यानी Impossible था । कई बडे़ जीवविज्ञानिकों और डॉक्टरों ने भी कहा था की इंसानी शरीर मे इतनी क्षमता नही है की वो 4 मिनट मे एक मील दौड़ सके । लेकिन….. 1954 में रोगर बेमिस्टर ( Roger Bannister ) ने इस असम्भाव काम को सम्भव कर दिखाया और सबसे बड़ी हैरत की बात है की उन्होने शारीरिक रूप से 4 मिनट मे एक मील दौडने का कभी अभ्यास भी नही किया था ।

वो केवल एक जगह बैढ़ कर घंटों इस बात की कल्पना किया करते थे की वो उस दौड को पूरा कर चुके हैं । जिसके कारण उनका ये Belief बन चुका था वो उस दौड़ को पूरा कर चुके हैं जिसके बाद जब उन्होने दौडना शुरू किया तो वो अपनी मंजिल पर पहुच कर ही रहे और इतिहास में अपना अमर कर दिया |

अगर आप जितने भी सफल व्यक्तियों की जीवनीयों को देखेगे तो आपको उन सभी मे एक बात Common नज़र आएगी की सभी खुदको प्रति मजबूत Strong Beliefs बनाए हुए थे ।

जब रोगर बेमिस्टर ने 4 मिनट की दौड़ पुरी की तो उसी साल 37 लोगो ने भी उस दौड़ को पूरा किया, फिर इसके अगले ही साल 300 अन्य लाोगो ने भी बेमिस्टर की तरह उस 4 मिनट की रेस पुरा कर दीखाया ।

ये बहुत हैरत की बात थी क्योकि पिछले हजारो सालों से किसी भी इंसान में इस दौड़ को पुरा करने की हिम्मत नही दिखाई थी लेकिन बेमिस्टर की दौड़ पूरी करने के 2 साल के अन्दर ही 300 से ज्यादा लोगो ने इस असम्भव काम को कर दिखाया | ऐसा कैसे हुआ ? क्योकि बेमिस्टर के पहले लोगो का Belief था की ये काम Impossible है इसे कोई कर ही नही सकता | ऊपर से बड़े-बड़े डॉक्टरों और जीवविज्ञानिकों इस Beliefe को मजबूत करते हुए कहा था की वैज्ञानिक तौर पर ऐसा असंभव है |

लेकिन बेमिस्टर के बाद लोगो का Belief बदल गया, उन्हे पुरा यकीन हो गया की “जब कोई दूसरा इस काम को कर सकता है तो मैं क्यो नही कर सकता?” लोगो ने पुराने Beliefs पर सवाल उठाना शुरू कर दिया और उन्हे बदल कर रख दिया जिसके कारण Impossible दिखने वाला लक्ष्य Possible बन गया |

4 मिनट की दौड़ की तरह आज करोडो लोग खुदके प्रति इसी तरह के Belief बनाए बैढें हैं जो जीवन मे सफलता की दौड़ पुरी करने से रोक रहें । हम अनजाने में ऐसे Belief बना चुके हैं जो हमारी सफलता मे बाधा का काम कर रहें हैं । अगर वक्त रहते इन Limiting beliefs को न बदला जाए तो ये beliefs व्यक्ति का जीवन ही बदल कर रख देते हैं ।

हर व्यक्ति के Limiting beliefs होते है जो उसे लाइफ में आगे बढ़ने से रोकते हैं, जैसे- मैं उस Exam को पास नही कर सकता, वो मेरे बस के बहार है, वो मुझसे शादी नही करेगी क्योकि मे उसके जितना खूबसूरत नही हूँ, मैं उस करियर मे कभी अपना भविष्य नही बना सकता क्योकि मेरे अन्दर इतनी काबिलियत नही है वगहरा-वगहरा लेकिन याद रखिये ये जितने भी Limiting beliefs है ये 4 मिनट की रेस की तरह है जो दिखतो तो असंभव है लेकिन अगर आप थोडा सा हौसला रखें तो आसानी से पार हो सकती है ।

हमारे जीवन में beliefs बहुत अहम रोल निभाते हैं । जिन लोगो के beliefs उनके Goals को Support करते हैं वो बहुत बड़ी सफलता के मालिक बनते है और जिन लोगों के beliefs उनके खिलाफ काम करते हैं वो पुरे जीवन में कुछ नही कर पाते है ।

अगर आपको खुदके प्रति beliefs है की “मैं कुछ भी कर सकता हूँ, मेरे अन्दर आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा है, मै किसी भी समस्या का समाधान ढूँढ़ सकता हूँ, और मेरा जन्म ही सफल तथा सुखी जीवन के लिए हुआ है तो आपको Successful होने से कोई नही रोक सकता ।

तो आज हम इस आर्टिकल में बताएगे की Belife क्या है? ( belief system in hindi ) और इन्हे कैसे बदले तथा ऐसे beliefs किस तरह बनाए जो आपको सफलता हासिल करने मे मदद करें, तो यदि आप beliefs को बदलने और बनाने के बारें पूरी जानकारी चहाते है तो इस आर्टिकस को अन्त तक पढ़ते रहिये |

बीलीफ क्या है ( What is belief in hindi )

Belief का हिंदी मे मतलब होता है आस्था. यानी आप जिस विचार, आइडिया, या Concept पर पुरी तरह अपनी आस्था और विश्वास जमा देते हैं वो आपका Belief बन जाता है ।

एक बार जब किसी व्यक्ति का Belief किसी चीज पर बन जाता है तो वो इसके विपरीत यानि उल्टे विचार के खिलाफ खड़ा हो जाता है और उसे असत्य मानता हैं । जैसे- कुछ लोगो को अपने धर्म और ईश्वर मे इतना गहरा विश्वास होता है वो इसके लिए दूसरें धर्मो के लोगो को मारने के लिए भी तैयार हो जाते हैं ।

वीलीफ कैसे बनता है: How Belief forms / belief system in hindi

belief system in hindi
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कोई भी Belief बनने से पहले एक विचार होता है जिसे कुछ खास प्रकार की घटनाए और अनुभव सच साबित कर देते हैं जिसके वो व्यक्ति उसको सच मान लेता है और धीरे-धीरे वो Belief इतना मजबूत हो जाता है की उसके विपरीत कोई शक की गुंजाइश ही नही रहती ।

चलिए इसको उदाहरण के द्वारा समझें मान लेते हैं कि आपसे कोई कहता है की आप बहुत आकर्षक लगते हैं । आपके लिए ये नई बात है क्योकि इससे पहले किसी ने भी आपको आकर्षक नही कहा इसलिए आपको इस बात पर यकीन नही होता । तो ये नया आइडिया या विचार उस टेबल की तरह हैं जिसके पैर नही हैं । मतलब की आप खुदको ये बात साबित नही कर पाए की आप आकर्षक है । क्योकि आपका इस आइडिया से सम्बन्धित कोई अनुभव ही नही है ।

इसके बाद आपको लगातार कई लोग मिलते हैं । जो आपको आकर्षक और खूबसूरत बताते हैं । इसके बाद आपको लगने लगता है की शायद मैं आकर्षक हूँ इस तरह आपका Belief बनना शुरू हो जाता है लेकिन ये अभी थोडा कच्चा है, इसलिए इसे मजबूत होने के लिए अभी थोडे और अनुभवों की जरूरत है।

आप कई पार्टियों और शादीयों में जाते हैं जिसमें लोग आपको आकर्षक कहते हैं आपके करीब आने की कोशिश करते हैं । इस तरह आपका एक मजबूत Belief तैयार हो जाता है । आपको लगने लगता है मैं आकर्षक हूँ, अब ऐसे में अगर कोई व्यक्ति आपसे आकर कहें की आप बहुत बदसूरत और बेहुदे दिखते हैं तो आपको इस पर बिल्कुल भी विश्वास नही होगा क्योकि आपका खुदके लेकर पहले ही सकारात्मक Belief बन चुका है ।

तो अगर मैं आपको Belief बनाने का Formula बताऊ तो वो कुछ इस तरह होगा– विचार ( आइडिया ) + अनुभव ( लोगो के कमेंट्स )+ निरंतरता ( लोगो का लगातार कमेंट करना ) = Belief

देखिये हर बार Belief बनाने के लिए आपको लोगो के कमेंट्स की जरूरत नही हैं । कई बार आप खुदके कमेंट्स और अनुभव के द्वारा ही Belief पैदा कर लेते हैं ।

जैसे- बेमेस्टर को हर व्यक्ति 4 मिनट को रेस का पार करना अंसभव बता रहा था लेकिन बेमेस्टर लगातार खुदको कह रहे थे की ये संभव है और खुदको Visualization ( कल्पना ) के द्वारा उस दौड़ को पार करते हुए भी देखा रह थे जिसके कारण उनका मजबूत Belief बन कर तैयार हो गया तो अगर आप खुदके द्वारा किसी वीलीफ को बनाना चहाते हैं तो इसका Formula कुछ इस तरह होगा- कल्पना + लगातार किसी बात को खुदसे कहना + निरंतरता = Belief

तो अब आप समझ गए होंगे की वीलीफ किस तरह बनते है और खुदके द्वारा नए वीलाफ किस तरह बना सकते हैं । लेकिन जो पूराने Limiting Beliefs हैं उन्हे किस तरह बदला जाए क्या उन्हे बदले का कोई तरीका है? चलिए पुराने Limiting Beliefs बदलने की विधि के बारे मे जाने पुराने

Limiting Beliefs कैसे बदलें

मैं भी कई साल पहले Limiting Beliefs मे फँसा हुआ था लेकिन उस समय मुझे किसी ने टॉनी रॉविंस की मशहूर किताब Awaken the giant within पढ़ने को दी | उस किताब मे टॉनी रॉविंस ने Step by step बताया था की किस तरह आप Limiting Beliefs से निकल सकते हैं ।

मैं उस किताब का पुरा चैप्टर तो नही बता सकता क्योकि इससे ये आर्टिल बहुत बड़ा हो जाएगा इसलिए मैं मोटी-मोटी बातों पर रोशनी डाल रहा हूँ ताकि आपको मुख्य Concept समझ आ जाए |

जैसा की मेने पहले कहा कोई भी Beliefs बनने से पहसे एक विचार या आइडिया होता है जो अनुभव और घटनाओ के कारण वीलीफ मे बदल जाता है । जिसके बाद उस पर आपका यकीन इतना ज्यादा हो जाता है की उसे तोटना बहुत मुश्किल हो जाता है । इसलिए अगर आप किसी तरह अपने Limiting Beliefs के प्रति शक की भावना पैदा कर पाए तो आपके वीलीफ खत्म होना शुरू हो जाएगे |

लेकिन Limiting Beliefs के प्रति शक की भावना कैसे पैदा की जाए ? आप शक की भावना खुदसे सवाल पूछ कर पैदा कर सकते हैं ।

जैसे- आप कोई काम करने की सोचते है तभी आपके Limiting Beliefs जाग जाते हैं और आपके अन्दर से अवाज आती है की मुझसे ये काम नही हो पाएगा, तो आप तुरंत खुदसे सवाल पूछे क्या ये सच है? क्या मैं सच में इस काम को नही कर सकता । क्या दुनिया में ऐसे लोग नही हैं जो मेरी ही तरह हैं, उनके भी मेरी तरह दो हाथ-पैर है, तो जब वो लोग कर सकते हैं तो मैं क्यो नही कर सकता ? इस तरह आप Limiting Beliefs की तीव्रता को कम कर देगें और सही Actions लेने के लिए खुदको प्रेरित कर पाएगे ।

Limiting Beliefs को तोड़ने का दूसरा तरीका है की आप उस Belief से बहुत ज्यादा दर्द जोड दे जिस Belief को आप बदलना चहाते है । दर्द से मेरा मतलब भावनात्मक दर्द से है ।

For example मेरा एक दोस्त का भाई है जिसे सिगरेट्स पीने की बहुत बुरी लत है वो दिन में 8 से 12 सिगरेट पी जाता है इतनी सिगरेट पीने के कारण उसके होट तक काले पर चुके हैं । उसके परिवार वालों ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, उसे नशामुक्ति केन्द्र भी भेजा लेकिन वो लत छोड़ने को तैयार नही था |

मेने उससे पूछा की “तुम इतनी सिगरेट क्यो पीते हो?” उसने कहा “सिगरेट पीने से मेरा तनाव कम होता है और मुझे अच्छा महसूस होता है, मैं दुनिया की कोई भी चीज छोड़ सकता हूँ लेकिन सिगरेट पीना नही छोड़ सकता” मैं समझ गया की उसने सिगरेट से माज़े की Belief जोड रखा हैं । इसके बाद मेने उसके भाई से कह कर उसे कैंसर के हॉस्पिटल ले गया । जहाँ हमने उसकी मुलाकात उन लोगो से कराई जिन्हे सिगरेट और बीडी पीने के कारण कैंसर हो गया था, उन लोगो से बात कर के उसे अपने भविष्य की डरावनी तस्वीर दिखने लगी ।

तब उसे सिगरेट को लेकर अपना वीलीफ बदलना पड़ा | उस दिन से आज तक उसने सिगरेट और बीडी को कभी हाथ तक नही लगाया | तो आप अपने Limiting Beliefs से दर्द जोड़ कर उन्हे खत्म कर सकते हैं । जब एक बार वीलीफ से दर्द जुड जाएगा तो आपका उनके साथ रहना बहुत मुश्किल हो जाएगा ।

दर्द Feel करने के लिए आपको किसी हॉस्पिटल जाने की जरूरत नही है बस खुदसे ऐसे सवाल पूछें जो आपके अन्दर Pain की भावना पैदा कर दें जैसे- अगर मे इसी तरह इस belief पर यकीन करता रहा तो अगले दस साल बाद मेरा भविष्य कैसा होगा? इस वीलीफ के कारण मेरे परिवार वालों और प्रयजनों पर क्या असर पडेगा इस तरह जब एक बार Pain आपके Belief से कनेक्ट हो जाएगा तो आपका उस वीलीफ के साथ रहना न मूमकीन हो जाएगा जिसके बाद आप हर हालत में उसे छोड़ने को मजबूर हो जाएगे |

Resource

अगर आप अच्छे Belief बनाने के बारे में जानना चहाते हैं तो आप टॉनी रॉविंस की किताब और कुछ अन्य किताब पढ़ सकते हैं, जो आपको Limiting Belief बदलने मे मदद करेगी और नए Beliefe बनाने मे सहायता करेंगी |

नीचे में कुछ किताबों के Links दे रहा हूँ जिन्होने मुझे Belief बदलने मे बहुत Help की है । मुझे उम्मीद है ये किताबें आपकी भी जिदंगी बदल देंगी | नीचे Links पर Click कर के आप Amazon से इन्हे खरीद सकते हैं ।

Awaken the giant within

The success principals

अपनी सोच से अमीर बनिये

As a man thinknith

निष्कर्ष

किसी आइडिया, Concept या विचार पर जब कोई व्यक्ति पुरी तरह विश्वास कर लेता है तो वो एक Belief बन जाता है | अगर आप किसी वीलीफ को बनाना चहाते है तो कल्पना ( Visulization ) के द्वारा खुदको वो घटनाए दिखाईये जो आप उस वीलीफ के सच होने के बाद देखते | इसके अलावा खुदके से लगातार उन बातों को कहीयें जो आप उस Beleife के सच होने पर कहते |

अगर आप किसी वीलीफ को बदलना चहाते हैं तो उस वीलीफ पर सवाल उठाना शुरू कर दें, और उससे इतना भावनात्मक दर्द जोड़ दें की उसके साथ एक मिनट भी रहना आपके लिए मुश्किल हो जाए |

 

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