बुरी आदतें छोड़ने का 100% गारंटी Formula

Buri adat Kaise chore – बुरी आदतें आस्तीन के साँप जैसी होती है जिन्हे हम आपने फायदे के लिए दूध पिलाते है ( यानि पालते है ) और वही वक्त आने पर हमे डँस कर हमारे जीवन मे जहर घोल देती है लेकिन ज्यादातर समय हम अपनी बुरी आदतों के लिए जिम्मेदार नही होते क्योकि बुरी आदतें अधिकतर छोटी उम्र मे शुरू होती है जब हमे पता भी नही होता की ये आदतें भविष्य मे हमे कितना नुकसान पहुचाएगी |

लेकिन अगर आप अभी भी अपनी बुरी आदतों को वर्दाशत कर रहे है तो आपको एक बात ध्यान मे रखनी है की हमारा दिमाग प्लास्टिक की तरह होता है जो हमारी लाइफ के अनुभव के साथ अपना आकार बदलता है ये हम नही कह रहे है बल्कि विज्ञान की एक शाखा Neuroplasticity कहती है |

इसलिए अगर आप ये सोचते है की आदते बदली नही जा सकती तो आपको न्यूरोलॉजि से रीलेटेड Articals पढने चाहिए | पर आदतें बनाने और छोडने दोनो केे लिए बहुत इच्छाशक्ति की जरूरत होताी है यही कारण है की ज्यदातर लोग इनके गुलाम बने रहते है |

खैर इस पोस्ट के द्वारा हम आपको वो सभी तरीके बताएगे जिससे बुरी आदतों ( Bad habits ) ना छोडना आपके लिए नमुकिन हो जायगा | लेकिन आपको अपनी तरफ से भी प्रयास करने होगे बिना दकलीफ सहे आदतें की जंजीरो को तोटना मुश्किल है । मगर आपके प्रयास आपके बेहतर भविष्य का निर्माण करेगे | हमारी आदतें हमारे व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करती है, हमारे व्यक्तित्व पर ही हमारी सफलता निर्भर करती है |

Power of self-discipline के लेखक ब्रेन ट्रेसी अपनी किताब मे लिखते है “हमारी आदतों पर हमारे जीवन की गुणवक्ता ( Quality ) निर्भर करती है” |

मगर आदतें जब बुरी हो तो जीवन उस गन्दे पानी की तरह हो जाता है जो साफ पानी मे डालने पर उसे भी गन्दा कर देता है । एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार हमारे प्रतिदिन का 47% व्यवहार आदतन होता है यानि हम अपने अधिकतर व्यवहार केे प्रति जागरूक भी नही हैं ।

आदतें केवल शारीरिक ही नही बल्कि मानसिक भी होती है जब हम किसी विचार को बार-बार दोहराते है तो वो हमारी मानसिक आदत बन जाता है थोडे प्रयासो के साथ इन आदतो को भी छोडा जा सकता है |

इससे पहसे हम आपको बताए की बुरी आदतें कैसे छोडे? चलिए जान लेते है कि आदत कैसे बनती है और आदतें कैसे काम करती हैं एक बार आपको आदतों की अच्छी समझ हो जाए तो इन्हे छोडना आसान हो जायगा |

आदत क्या है और ये कैसे काम करती है ?

 

buri adat kaise chore
buri adat kaise chore

 

हमारेे दिमाग मे अरबो न्यूरॉन्स ( Neurons ) होते है जो हमारे दिमाग मे सूचना ( Information ) को एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ले जाते है न्यूरॉन्स दिमाग की कोशिकाए होती है जो केमिकल्स के द्वारा अपस मे संवाद ( Communicate ) करती है |

जब हम कोई शारीरिक काम करते है तो ये न्यरॉन्स आपस मे संवाद कर के उस काम की यदाश्त को दिमाग मे जमा करते है | जब ये प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है तो दिमाग मे इन न्यूरोन्स का गुच्छा बन जाता है । जिसे तंत्रिका-विज्ञान ( neurology ) की भाषा मे न्यूरल सर्किट कहते है |

जब दिमाग मे न्यूरल सर्किट बन जाता है तो आदत डेवलप हो जाती है जितनी बार आदत को दोहराया जाता है न्यूरल सर्किट उतना ही बडा होता है और इस न्यूरल सर्किट तोटना उतना ही मुश्किल हो जाता है | तो ये आदत बनने की न्यूरॉलोजिकल प्रक्रिया है लेकिन neurology आदत का दिमाग पर क्या असर होता है सिर्फ इसके बारे मे बताती है जबकि इससे आदत के बहारी कनेक्शन के बारे मेे पता नही चलता ।

जेम्स क्लीयर ( James clear ) अपनी Best selling किताब Atomic habits मे बताते की किसी भी आदत के चार हिस्से होते है, जो ट्रिगर, रूटीन, क्रेविंग और इनाम है । ट्रिगर वह चीज है जिसे देख कर आपको अपनी आदत की याद आती हैै उसे करने का दिल करता है फिर इसके बाद क्रेविंग ( तीव्र इच्छा उठती है ) इसके बाद रूटीन आता है जो आपकी Actul हैबिट है और फिर आपको इनाम मिलता है |

चलिए इसेे Example के द्वारा अच्छे से समझनेे की कोशिश करते है- कल्पना किजिए की कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा स्मोकिंग का आदी है वो दिन मे 6-7 सिगरेट्स पीता है तो उस पर ये चार Formula कैसे काम करेगे? जब वो व्यक्ति तनाव या टेन्शेन मे होगा तो उसे इस तनाव से छुटकारा पाने के लिए स्मोकिंग कि याद आएगी जिसके कारण उसे अजीव सी Feeling आएगी जिसके कारण उसे स्मोकिंग की तीव्र इच्छा उठेगी यानि तनाव ट्रिगर है और तीव्र इच्छा क्रेविंग है इसके बाद वो व्यक्ति स्मोकिंग करेगा जोकि रूटीन है और अन्त मे उसे स्मोकिंग करने के बाद Relax महसूस होगा जो उसका ईनाम है जो उसे Habit perform करने से मिला है |

सभी तरह की आदतों मे यही मॉडल काम करता है । हम इसी मॉडल के जरिये बुरी आदतों को छोडेगे | चलिए फिर जानते है

 

बुरी आदते कैसे छोडें, ( Buri adatein kaise chode / how to stop bad habits in hindi )

ट्रिगर को पहचाने ट्रिगर

आदत का दरवाजा होता है इसलिए आपको पहले अपने आदते के ट्रिगर के प्रति Aware होना चाहिए | लेकिन ध्यान रखिए की आदत के एक से ज्यादा ट्रिगर हो सकते है जिससे आदत को करने की Craving होती है, ट्रिगर कुछ भी हो सकता है जैसे- व्यक्ति, समय, भावनाए, लोग और कोई जगह आपको सबसे पहले अपने ट्रिगर ढूढने है क्योकि इसके बाद ही हम आदत को बदलने के बारे मे कोई Action Plan तैयार कर सकते है

कैसे करें- चलिए हम आपको बताते है की आप कैसे अपने ट्रिगर ढूढ सकते है |

◾1-2 हफ्ते तक अपनी आदत को बदलने का प्रयास ना करें बल्कि जब भी कभी आपको अपनी बुरी आदत को करने की इच्छा हो तो उस समय खुद से सवाल पूछे की वह क्या था जिसके कारण मुझे इस आदत को करने की इच्छा जागी

◾कुछ सेकंड्स के लिए शांत हो जाए और अपने वातावरण मे देखे की वह क्या चीज थी जिसके कारण Craving जागी क्या वह कोई व्यक्ति, जगह, समय, या भावनाए है

◾1-2 हफ्तो तक किसी डाइरी मे अपने ट्रिगर लिखते रहे जब आपको लगे की आप पुरे ट्रिगर लिख चुके है तो लिखना बंद कर दें

रूटीन बदलें

अब क्योकि आपको अपनी Habit के ट्रिगर मिल गये है तो आप आसानी से अपनी आदत को छोडने के लिए Action plan बना सकते है |

बुरी आदत को छोडने के लिए चालर्स डुहिग अपनी International Best selling किताब Power of habits मे एक तरीका बताते है जिसे Habit replacement कहते है | जिसमे आदत को किसी ऐसी आदत से बदला जाता है जिससे उस आदत की जरूरत भी पूरी हो जाए और बुरी आदत के नुकसान भी ना हो |

जैसे किसी व्यक्ति को स्मोकिंग की आदत है क्योकि वो स्मोकिंग तनाव के कारण करता है इसलिए स्मोकिंग उसे तनाव से छुटकारा दिलाती है अगर वो तनाव से छुटकारा पाने के किसी ऐसी Activity को करे जिससे तनाव कम होता हो तो उसे स्मोकिंग की जरूरत नही पढेगी |

जैसे- अगर किसी व्यक्ति को तनाव के कारण स्मोकिंग करनी पडती है तो जब उसो किसी ट्रिगर के कारण स्मोकिंग की तीव्र इच्छा हो तो वो व्यक्ति मेडिटेशन कर सकता है जिससे तनाव कम होगा, अगर वो इस लिए स्मोकिंग करता है क्योकि सिगरेट उसको निकोटीन का स्वाद देती है तो वो नीकोटीन फ्लेवर वाली जिन्गम खा सकता है या फिर वो Stress हैंडल करने के लिए कोई Sport game जैसे- क्रिकेट, फुटबॉल या बासकेट बॉल खेल सकता है |

देखिए आप एक आदत के लिए काई विकल्प ढूढ सकते है मगर उसी विकल्प से Habit को Replace करे जो सच मे उस बुरी आदत की जरूरत को पूरा करें और उसका कोई नकारात्मक प्रभाव भी ना हो शुरू मे आपको कोई वैकल्पिक आदत नही मिलेगे जो उस बुरी आदत की जरूरत पुरी करती हो लेकिन आपको प्रयास करना नही छोडना है मुझे उम्मीद है की आप उस Activity को जरूर ढूढ लोगे |

उस Activity को ढूढनेे के बाद आपको लगातार उस पर टिके रहना है | कैसे करे- चलिए हम आपकी वैकल्पिक Activity ढूढने मे मदद करते है

◾सबसे पहले पता करें की वो आदत आपको किस तरह का फायदा पहुचाती है क्या वो आपको Relax करती है या किसी तरह का Enjoyment देती है

◾थोडा ध्यान दें और पता करने की कोशिश करें की आपकी बुरी आदत जो आपको फायदा पहुचाती है उस फायदे को कौनसी Positive Activity पुरा कर सकती है । Activities की लिस्ट तैयार कर लें जो आपकी बुरी आदत की जगह ले सके

◾बुरी आदत की इच्छा होने पर अपनी लिस्ट मे से किसी एक Activity को करें अगर वो आपको संतुष्ट ना करें तो दूसरी Activity को करें ऐसा तब तक करें जब तक की आपको बुरी आदत के लिए कोई वैकल्पिक Activity ना मिले

तीसरा उपाय

ट्रिगर के कारण ही हमे बुरी आदत को करने की इच्छा होती है अगर किसी तरह हम ट्रिगर के द्वारा expose ना हो तो बुरी आदत को करनी Craving खत्म हो जाएगी यदि आप अपने वातावरण से ट्रिगर को Remove कर सकते है तो ये बुरी आदत की रीढ तोट देगा लेकिन फिर भी हो सकता ही की किसी कारण आपको Habit को करने की इच्छा जाग जाए ऐसे मे आपको क्या करना चाहिए?

आपको आदत को Perform करने मे कठिनाइ डालनी चाहिए For example 2 साल पहले मुझे Mobile Addiction थी बहुत कोशिशो के बाद भी मे मोबाइल की लत से नही निकल पा रहा था तब मेने अपने Triggers पता करें |

ट्रिगर Notification था, जब भी Facebook या किसी Social media site से कोई Notification आती थी तो मै खुदको रोक नही पाता था | इसके बाद मेने अपने मोबाइल की Notifications साइलेंट कर दीं जिसके बाद मेरा मोबाइल यूज करने का समय कम हो गया लेकिन मै अभी घंटो मोबाइल यूज कर रहा था, इसके बाद मेनेे अपनी आदत को Perform करने मे कठिनाइ डाली

जैसे- मेने अपनी बहन से मोबाइल मे नया Password सेट करवाया जिसे वही खोल सकती थी मै उससे दिन मे केवल एक बार ही Pasaword खुलवाता था क्योकि मै दिन मे केवल एक घंटे ही मोबाइल यूज करना चहाता | मेने उससे कहा की अगर मे एक दिन मे एक बार से ज्यादा पासवर्ड खुलवाऊगा तो मै उसे 500 रूपय दूंगा लेकिन पुरे दिन मोबाइल मेरे साथ रहता जिसके कारण मुझे मोबाइल यूज करने की तीव्र इच्छा होती थी |

तब मेने फैसला लिया की जब तक मै Mobile addiction से नही निकल जाता तब तक मोबाइल अपने साथ नही रखूगा | मै मोबाइल को बॉक्स मे बंद कर के ऊपर वाले कमरे मे रख देता था और शाम को केवल एक घंटे के लिए ही यूज करता था और बचे हुए समय का Productive यूज करता था |

इस तरह मेने अपनी Mobile addiction पर जीत पाई आपको भी अपनी बुरी आदत को करने मे ज्यादा से ज्यादा कठिनाई डालनी ताकि आप उसे Perform नही कर पाए

 

बुरी आदतों को छोडने के लिए अन्य तरीके

 

खुदको सजा दिजिए-

आदत बनाना और छोडना दोनो ही मुश्किल काम है अगर किसी समय आप कमजोर पड गए तो ये आप पर हावि हो सकती है इसलिए पहले ही सजा के लिए कोई Amount तय कर लें जैसे- अगर आप अपनी बुरी आदत को करेगे तो आपको 500 रूपय किसी दोस्त को देने पडेगे इससे कमजोर समय मे Give up ना करने का रीजन मिलेगा |

अपनी संगत को बदलें-

देखिए हमारे व्यवहार पर संगत का गुप्त असर जरूर पडता है हम जिन लोगो के साथ अपना समय बताते है जिनसे बात करते है हमारा व्यवहार और Thinking भी उनकी तरह हो जाती है । |

ज्यादातर बुरी आदतें बुरे दोस्तो के कारण ही लगती है जब आप उन दोस्ते के साथ उस आदत को Perform करते हैै तो वो लोग भी ट्रिगर का काम करते है इसलिए अपना Friend circle

बदलिए कोई online या Offline Community जॉइन करें –

हर तरह की बुरी आदतो और लतो को छोडने के लिए आपको online या Offline Communities मिल जाएगी ज्यादातर ये समाजसेवी संस्थाए या कोई विशेष प्रकार का Group होता है जो लोगो को बुरी आदतो को छोडने के लिए मदद करता है आप Reddit या किसी Social media platform पर इन्हे ढूढ सकते है | अगर आपको ऐसी कोई Community या Group ना मिले आप अपना कोई Online या Offline Group बना सकते है जैसे- Facebook group या Whatsapp group

निष्कर्ष

आदतें हमारेे दिमाग मे एक न्यूरॉलोजिकल सर्किट बना देती है जिसके कारण वो आदत हमारे साथ चिपके रहती है | किसी भी आदत के चार हिस्से ट्रिगर, क्रेविंग, रूटीन और इनाम होते है | ट्रिगर वह चीज है जो आपको आदत की याद दिलाते है जिसके बाद आपको उस आदत को करने की तीव्र इच्छा उठती है जो तीव्र इच्छा उठती है उसे क्रेविंग कहते है |

इसके बाद आप खुदको रोक नही पाते और उस आदत को करते है जिसे रूटीन कहते है | आदत को करने के बाद आपको थोडा अच्छा महसूस होता है जिसे इनाम कहते है | आदत छोडने का सबसे आसान तरीका है की Habit replacement जिसमे आदत को किसी ऐसी आदत से बदला जाता है जिससे उस आदत की जरूरत भी पूरी हो जाए और बुरी आदत के नुकसान भी ना हो |

इसके अलावा आप अपने वातावरण से Triggers को Remove कर सकते है जिससे बुरी आदत को करनेे की Craving ही खत्म हो जाएगी या आप अपनी आदत को Perform करने मे difficulty पैदा कर सकते है जिससे Failure की दर कम होगी |

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