Ultrasound में बच्चे की हार्टबीट कब दिखाई देती है? बच्चे की हार्ट बीट ना सुनाई दे तो क्या करना चाहिए?

जब भी कोई महिला pregnant होती है, तब वह इस चीज को लेकर बहुत ही ज्यादा excited रहती है कि वह कब अपने bacche को अपने हाथों में mehsoos करेगी या कब उसके dil की धड़कन सुनेगी। प्रेगनेंसी मे रखने वाली सावधानियां। मिसकैरेज से बचने के उपाय। प्रेगनेंसी के दौरान कौन सी गलतियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए ? प्रेग्नेंसी के दौरान क्या-क्या खाना चाहिए? प्रेगनेंसी मे रखने वाली सावधानियां।

यह एहसास ही वजह है कि pregnancy के दौरान जब ultrsound के समय बच्चे की heart beat दिखाई जाती है, तब जाकर महिलाएं भावुक हो जाती है क्योंकि यह ehsaas उनके लिए बहुत ही ज़्यादा special होता है और हो भी क्यों ना आखिरकार वह एक जान को 9 mahine तक अपने अंदर पालती है और उसे एक नया जीवन (life) देती है।

आज के इस article में हम आपको बताएंगे pregnancy में bacche की heart beat कब शुरू होती है। pregnancy में बच्चे की heartbeat कब दिखाई देनी शुरू होती है। pregnancy में किन-किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए। प्रेगनेंसी में किस तरह की सावधानियां (precautions) बरतनी चाहिए।

तो आइए सबसे पहले आपको बताते हैं pregnancy में बच्चे की heartbeat कब दिखाई देती है।

Pregnancy time के दौरान ultrasound बहुत ही ज्यादा अहम importance रखता है। pregnancy के दौरान गर्भवती महिला का ultrasound किया जाता है। जिसके द्वारा बच्चा healthy है या नहीं इस चीज का पता किया जाता है और इसी दौरान bacche की heartbeat भी देखी जाती है।

Pregnancy के शुरुआती समय में जब bacche की development होती है, उस समय bacche की foetus पूछ यानी की pole होती है जिसे fetel pole कहा जाता है। जब यह fetel pole बनती है उस समय ही बच्चे की heart beat दिखाई देती है। इसके अलावा जब fetel pole का size 3 mm, 4 mm, 7 mm हो जाता है, उस समय ultrasound के दौरान bacche की heart beat दिखाई देती है।

Pregnancy के शुरुआती stage में जब बच्चे की heart beat develop होती है, तो उस समय बच्चे की heartbeat काफी ज्यादा slow होती है। pregnancy के शुरुआती समय में बच्चे की heartbeat 60 – 90 BPM होती है जो कि बहुत ही कम है।

इसके बाद जैसे-जैसे बच्चा develop होता है तो उसके साथ-साथ उसकी heartbeat भी बढ़ने लग जाती है और एक normal stage तक पहुंच जाती है जोकि 140 BPM है। pregnancy के दौरान किसी bacche की नार्मल heart beat यही मानी जाती है।

प्रेगनेंसी में बच्चे की हार्ट बीट कब शुरू हो जाती है ?

अब आपको बताते हैं pregnancy में बच्चे की heartbeat कब शुरू हो जाती है? Pregnancy में बच्चे की heart beat किस समय शुरू हो जाती है? Pregnancy में बच्चे की heart beat का पता कब चलने लग जाता है? Pregnancy में bacche की heart beat किस समय तक शुरू हो जाती है?

Pregnancy के दौरान बच्चे की heart beat तब शुरू होती है जब baccha काफी हद तक develop हो जाता है। pregnancy के शुरुआती समय में bacche की heart beat जो होती है वह काफी कम होती है और यह धीरे-धीरे time के साथ बढ़ती है।

अब अगर बात हो रही है pregnancy में बच्चे की heart beat की तो आइए आपको बताते हैं की pregnancy में बच्चे की heart beat शुरू कब होती है या pregnancy में किस time तक बच्चे की heart beat देख सकते हैं।

किसी भी महिला के pregnancy के छठे हफ्ते के शुरुआत में bacche की heart beat proper शुरू हो जाती है और छठे हफ्ते के समय ultrsound करवाने पर आसानी से बच्चे की heart beat को देखा जा सकता है। महिलाओं की pregnancy के छठवें हफ्ते (6th week) में बच्चे की heart rate 100-160 beats पर minute (BPM) हो जाती है। इस समय ultrsound monitor पर धड़कनें देख सकते हैं।

गर्भावस्था यानी की pregnancy के दौरान दिल (heart) छह सप्ताह की pregnancy के आसपास धड़कना शुरु हो जाता है, क्योंकि इस time तक बच्चे का दिल (heart) अच्छी तरह से विकसित (develop) हो जाता है। bacche की धड़कन को देखने के लिए transvaginal स्कैन (TVS) किया जाता है।

Pregnancy के 7 8 हफ्तों बाद अगर bacche की हार्ट बीट ना सुनाई दे तो कौन सी दवाइयां देनी चाहिए

अब आपको बताते हैं pregnancy के 7 8 हफ्तों महीनों के बाद अगर bacche की धड़कन ना सुनाई दे तो कौन सी दवाइयां (medicine) लेनी चाहिए? Bacche की धड़कन ना सुनने पर कौन सी दवाई लेनी चाहिए? Bacche की धड़कन शुरू करने के लिए कौन सी dawai होती है?

गर्भावस्था यानी कि pregnancy के दौरान आमतौर पर छठे हफ्ते (week) तक bacche की धड़कन शुरू हो जाती है। पर कई बार ऐसा होता है कि कुछ reasons की वजह से कुछ couples छठे सातवें हफ्ते (week) में भी अपने bacche की दिल की धड़कन नहीं सुन पाते और वह इस बात से tension में आ जाते हैं।

Pregnancy के सातवें छठे हफ्ते तक bacche की heart beat ना देख पाने या सुन पाने के पीछे कई सारे reason हो सकते हैं। तो आइए आपको बताते हैं pregnancy के दौरान अगर bacche की heart beat नहीं दिखाई देती है या सुनाई देती है तो कौन सी दवाई (medicine) लेनी चाहिए।

हर गर्भवती महिला (pregnant lady) के लिए उनके pregnancy के time हर एक पल बहुत ही ज्यादा important और सुंदर होता है। वह हर पल अपने अंदर पल रहे अपने bacche को महसूस (feel) करती हैं। इसीलिए उस bacche से जुड़ी हर चीज उनके लिए बहुत ही special होती है।

ऐसे में अगर उस bacche की धड़कन सही time पर शुरू ना हो या वह ना सुन पाए या देख पाए तो यह उन महिलाओं के लिए एक बहुत ही गंभीर चिंता (tension) का कारण बन जाता है। pregnancy के दौरान अगर छठे हफ्ते तक कोई महिला अपने bacche की दिल की धड़कन (heart beat) नहीं देख या सुन पाती है, तो उन्हें folic acid की tablet दी जाती है।

Folic acid की tablet गर्भ में पल रहे bacche की growth और development के लिए गर्भवती महिलाओं को दी जाती है। folic acid tablet के इस्तेमाल से foetus का विकास (development) अच्छे से होने लग जाता है। अब अगर foetus का विकास होगा यानी कि development होगा तो आप आसानी से उसके दिल की धड़कन (heart beat) देख और सुन सकते हैं।

बच्चे की हार्ट बीट नॉर्मल है यह कैसे पता करें?

अब आपको बताते हैं बच्चे की heart beat normal है या नहीं यह कैसे पता करते हैं? Bacche की हार्ट बीट normal होने पर कैसे पता लगता है? बच्चे की नार्मल heart beat कैसी होती है? Bacche की normal heart beat का पता कैसे चलता है?

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया जब baccha यानी कि foetus develop हो रहा होता है तब उसमें धीरे-धीरे काफी तरह के changes आते हैं। गर्भावस्था यानी की pregnancy के शुरूआती हफ्तों (weeks) में यानी कि तीसरे चौथे हफ्ते में धीरे-धीरे bacche का दिल (heart) बनना शुरू हो जाता है और pregnancy के पांचवे हफ्ते तक दिल के चारों chambers develop हो जाते हैं। इसके बाद जैसे ही pregnancy का छठा हफ्ता शुरू होता है, उसमें आसानी से bacche की दिल की धड़कन (heart beat) देखी और सुनी जा सकती है।

Pregnancy के छठे हफ़्ते में जब bacche की दिल की धड़कन शुरू होती है उस time आमतौर पर foetus यानी बच्चे की दिल की धड़कन (heart beat) 60 से 90 BPM होती है। यह इसीलिए क्योंकि pregnancy के शुरुआत में bacche की दिल की धड़कन बहुत ही धीमी (slow) होती है।

जैसे-जैसे pregnancy में time बढ़ता है वैसे ही bacche की दिल की धड़कन भी बढ़ने लग जाती है। pregnancy के 10 या 11 हफ्ते तक bacche की दिल की धड़कन (heart beat) 120 से लेकर 160 BPM तक हो जाती है और यही foetus की normal heart rate मानी जाती है। इसके अलावा pregnancy के 9 महीने तक बच्चे की heart beat 140 BPM हो जाती है और यही एक ideal और normal heart rate होती है।

बच्चे की हार्ट बीट का कैसे पता चलता है?

अब आपको बताते हैं bacche की heart beat का पता कैसे चलता है? बच्चे की heart beat का पता किस तरह चलता है? Bacche की heart beat का पता कैसे लगाया जा सकता है? Bacche की हार्ट बीट का पता किस तरह चलता है? Bacche की heart beat का कैसे पता चलता है?

हर गर्भवती महिला के लिए अपने बच्चे की heart beat देखना और सुनना बहुत ही खास एहसास होता है और यह feeling हर कोई महिला महसूस करना चाहती है। पर कई बार ऐसा होता है कि कुछ महिलाओं में bacche के दिल की धड़कन (heart beat) कुछ देरी से शुरू होती है, जिसके कारण उन्हें काफी चिंता यानी stress रहती है।

तो आइए आपको बताते हैं bacche की heart beat का पता कैसे चलता है।

Pregnancy के दौरान बच्चे की heart beat को सुनने या देखने के लिए डॉप्लर (dopler) की सहायता ली जाती है। इसके अलावा गर्भावस्था यानी की pregnancy के 11 से 13 हफ्तों के बीच एक scan किया जाता है, जिसे translusensi scan कहां जाता है। इसके द्वारा भी bacche की heart beat को सुना जा सकता है या देखा जा सकता है।

बच्चे की हार्ट बीट ना सुनाई दे तो क्या करना चाहिए?

अब आपको बताते हैं बच्चे की heart beat ना सुनाई दे तो क्या करना चाहिए? Bacche की heart beat ना सुनाई देने पर क्या करना चाहिए? बच्चे की heart beat अगर नहीं सुनाई देती तो उस time क्या करना चाहिए? Bacche की heart beat ना सुनाई देने पर क्या करना चाहिए?

Pregnancy के 5 से 8 सप्ताह के बीच bacche की धड़कन आ जाती है और bacche का हृदय 120 से 150 धड़कन प्रति minute की दर से धड़कने लगता है। यदि आपके bacche की heart beat अभी नहीं आई है, तो आपको 9 सप्ताह (week) तक इंतजार करना चाहिए। इसके बाद आप TVS scan करा सकती हैं जिससे आपके bacche की Dhadkan का और bacche की growth का ठीक प्रकार से पता चल जाएगा। तब तक आपको आराम करना चाहिए और किसी प्रकार की tension या stress नहीं लेनी चाहिए।

इसके अलावा अगर pregnancy के यानी कि गर्भावस्था के 11 या 13 सप्ताह तक भी bacche की heart beat नहीं आती है, तो उसका मतलब आप के अंदर जो baccha है यानी कि foetus है वह dead है। ऐसी condition में dead foetus को गर्भ में रखने से आपको infection हो सकता है। ऐसी condition में आपको doctor से consult करना चाहिए और उनके instructions को मान लेना चाहिए। अगर आपका doctor आपको DNC के लिए बोले तो आपको वह करवा लेना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान कौन सी गलतियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए

अब आपको बताते हैं pregnancy के दौरान कौन-कौन सी गलतियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए? Pregnancy के दौरान कौन सी गलतियों से सावधानी रखनी चाहिए? Pregnancy के दौरान किन गलतियों से बचना चाहिए? Pregnancy के दौरान कौन सी गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए?

Pregnancy period के पूरे 9 महीने हर महिला के लिए बहुत ही ज्यादा special होते हैं। इन पूरे 9 महीनों में महिलाएं अलग-अलग तरह की चीजें feel करती है। इसी के साथ साथ उनके body में भी काफी सारे बदलाव आते हैं।

Pregnancy period यानी गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए बहुत ही नाजुक time होता है, इसीलिए pregnancy के दौरान महिलाएं खुद को लेकर ज्यादा सावधानी बरतती हैं। काफी हद तक यह जरूरी भी है क्योंकि इस time में हर चीज आपके बच्चे पर effect डालती है।

तो आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसी गलतियां जो pregnancy के दौरान बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए।

  1. Pregnancy के दौरान खाने-पीने का ध्यान तो हर महिला को रखना बहुत ही important होता है क्योंकि गर्भवती महिला खानपान सीधी तरह से गर्भ में पल रहे bacche पर असर डालता है। गर्भावस्था के दौरान दो फल बिल्कुल भी नहीं खाने चाहिए यह दो फल (fruits) है अनानास यानी की की pineapple और पपीता यानी की papaya.

यह दोनों फल आपकी pregnancy termination यानी कि miscarriage का कारण बन सकते हैं इसलिए इन फलों से परहेज रखें।

  1. Pregnancy के दौरान पहले 3 महीने यानी कि first trimester में physical relationship बिल्कुल भी नहीं बनाने चाहिए।
  2. Pregnancy period के दौरान junk food oily food, fast food बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। यह सभी चीजें हमारी health के लिए अच्छी नहीं होती है। pregnancy के दौरान तो बिल्कुल भी इनका सेवन नहीं करना चाहिए।
  3. गर्भावस्था के दौरान हर महिला को proper नींद लेनी चाहिए। proper नींद का मतलब है कि वह कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ले ताकि baccha healthy रहे।
  4. किसी काम का सदस्य बना लें और अपनी body को भी आराम दे क्योंकि गर्भावस्था के दौरान mentally और physically दोनों तरीकों से relax रहना बहुत ही जरूरी है।
  5. गर्भावस्था यानी की pregnancy के दौरान किसी भी भारी चीज को नहीं उठाना चाहिए या weight वाली चीजों को नहीं उठाना चाहिए ।ऐसा करने से आपकी बच्चेदानी यानी कि uterus पर जोर पड़ता है, जो कि bacche के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है ।
  6. Pregnancy के दौरान हर महिला को अपनी diet proper maintain करनी चाहिए ।कई महिलाएं कभी-कभी अपने busy schedule और अपने किसी काम की वजह से meals skip कर देती हैं। pregnancy के दौरान यह चीज बिल्कुल भी अच्छी नहीं होती है।
  7. गर्भावस्था यानी की pregnancy के दौरान self medication यानी खुद से किसी भी प्रकार की दवाई बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए। यह आपके bacche के लिए बहुत ही ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इसीलिए pregnancy के दौरान किसी भी तरह की दवाई लेने से पहले एक बार doctor से consult जरूर करें।

प्रेगनेंसी मे रखने वाली सावधानियां। मिसकैरेज से बचने के उपाय।

अब आपको बताते हैं pregnancy में क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए? Pregnancy में किस-किस तरह की सावधानी रखनी चाहिए ताकि miscarriage ना हो? Pregnancy में कौन-कौन सी सावधानी रखी जाती है? Miscarriage से बचने के लिए pregnancy में किन-किन चीजों का ध्यान रखा जाता है? मिसकैरेज से बचने के upay क्या होते हैं?

Pregnancy का period हर महिला के लिए बहुत ही जगह खास होता है और इस समय महिलाएं जो भी करती है, उसका सीधा असर उनके गर्भ में पल रहे bacche पर पड़ता है। ऐसा इसीलिए क्योंकि गर्भ में पल रहा शिशु umbilical cord के through अपनी मां से जुड़ा हुआ होता है। इसी वजह से महिलाएं जो भी खाती है करती है उसका सीधा effect गर्भ में पल रहे bacche पर पड़ता है।

ऐसी condition में महिलाओं को अपने खान-पान और अपने daily routine में करने वाले कामों को लेकर काफी ज्यादा choosy होना पड़ता है, क्योंकि इनमें से कई सारी chize ऐसी होती है जो garbh में पल रहे bacche के लिए healthy नहीं होती है। इसीलिए आपको pregnancy के दौरान बहुत सी चीजों की सावधानियां (precautions) रखनी पड़ती है।

तो आइए आपको बताते हैं pregnancy के दौरान रखी जाने वाली कुछ सावधानियां (precautions) जिनसे miscarriage से बचा जा सकता है।

  1. Pregnancy के दौरान महिलाओं का rest लेना बहुत ही ज्यादा important होता है। ऐसे में बहुत देर तक ना खड़े रहे।
  2. Pregnancy के दौरान सीढ़ियों का use कम से कम करना चाहिए और दौड़ना नहीं चाहिए। इसके अलावा अगर आप pregnancy के time पर ज्यादा देर exercise करती है, तो यह भी नहीं करनी चाहिए।
  3. Pregnancy के पूरे period के दौरान heels बिल्कुल भी नहीं पहनी चाहिए, यह बिल्कुल भी safe नहीं होती है।
  4. Pregnancy यानी गर्भावस्था के दौरान ज़्यादा मसालेदार khana नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भवती महिला (pregnant lady) को acidity की problem हो सकती है और उन्हें बहुत ज्यादा problem हो सकती है।
  5. Pregnancy के पूरे period के दौरान बिना अपनी gynecologist यानी कि doctor के सलाह के किसी भी तरह की कोई दवाई (medicine) नहीं लेनी चाहिए। क्योंकि हर तरह की दवाइयां लेने से इसका बुरा प्रभाव (side effect) आपके गर्भ में पल रहे bacche पर पड़ सकता है।
  6. Pregnancy के दौरान travelling करने से बचना चाहिए या हो सके तो pregnancy के छठे महीने (month) के बाद बिल्कुल भी travel नहीं करना चाहिए।
  7. Pregnancy के दौरान stress बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए और body को completely relax रखना चाहिए।
  8. Pregnancy period यानी कि गर्भावस्था के दौरान alcohol का सेवन बिल्कुल ना करें और smoking भी ना करें। यह दोनों chize आपके garbh में पल रहे bacche के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक (harmful) हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए?

अब आपको बताते हैं pregnancy के दौरान किन चीजों का dhyan रखना चाहिए? Pregnancy के दौरान किस किस किसका ध्यान रखना चाहिए? गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान किन किन baato का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए? प्रेगनेंसी के दौरान क्या dhyan रखना चाहिए?

Pregnancy के दौरान महिलाओं को अपनी health का बहुत ही ज्यादा dhyan रखना पड़ता है क्योंकि वह जो भी करती है उसका सीधा प्रभाव (effect) उनके गर्भ में पल रहे शिशु (foetus) पर पड़ता है। इसीलिए ऐसे में उन्हें अपनी health का ज्यादा से ज्यादा ध्यान (care) रखना पड़ता है।

तो आइए आपको बताते हैं pregnancy के दौरान जिन चीजों का dhyan रखना चाहिए उनके बारे में।

  1. खान-पान का dhyan रखना चाहिए।
  2. हरी सब्जियां (green vegetables) और फल (fruits) खाने चाहिए।
  3. दूध और doodh के सभी पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  4. भोजन में चिकनाई की आवश्यक मात्रा लेनी चाहिए। यानी कि fatty acids लेनी चाहिए क्योंकि कुछ fatty acids बच्चे यानी कि foetus की development के लिए जरूरी होते हैं।
  5. भरपूर मात्रा में paani पीना चाहिए।
  6. व्यायाम (yoga) करना चाहिए।
  7. ज़्यादा exercise करके शरीर को stress बिल्कुल भी नहीं देना चाहिए।

प्रेग्नेंसी के दौरान क्या-क्या खाना चाहिए?

अब आपको बताते हैं pregnancy के दौरान क्या क्या khana चाहिए? Pregnancy के दौरान किन किन चीजो को खाना चाहिए? प्रेगनेंसी के दौरान khane वाली chize कौन कौन सी होती है? Pregnancy के दौरान क्या क्या खाना चाहिए? Pregnancy के दौरान क्या khana अच्छा रहता है?

Pregnancy period के दौरान यानी कि गर्भावस्था के दौरान महिलाएं khane pimeको लेकर काफी ज्यादा choosy हो जाती है। उन्हें कई सारी चीजें khane का मन करता है और कई सारी chize बिल्कुल भी khane का मन नहीं करता। ऐसे में जरूरी है कि वह अपने लिए केवल healthy चीजों का ही चुनाव करें।

तो आइए आपको बताते हैं pregnancy के दौरान क्या-क्या khana चाहिए, जो आपकी और garbh में पल रहे शिशु की health के लिए अच्छा रहता है।

1.हरी सब्जियां (green vegetables)

2.साबुत अनाज

3.नट्स (nuts)

4.फिश (fish, मछली)

5.बाजरा (bajra)

6.रागी (ragi)

7.Oats (ओट्‍स)

8.ब्राउन राइस (Brown rice)

दाल (pulses)

10.घी (ghee)

11.Fibre food (पोषक आहार)

12.Fruits (फल)

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