किंगफिशर को हिंदी में किलकिला। किंगफिशर के 9 रोचक तथ्य

किंगफिशर के 9 रोचक तथ्य

किंगफिशर को हिंदी में किलकिला कहते हैं। लंबी चोंच वह छोटे पैर वाला यह पक्षी पानी के किनारे किसी पेड़ की टहनी पर बैठा अपने भोजन की तलाश करता है।

जब भी कोई मुझे इनको नजर आता है तो। उस पर झपट्टा मारकर उसे पकड़ लेता है। इसकी एक उपजाति यूरोप में कॉमन किंगफिशर मिलती है। यह 6 इंच लंबा होता है। छोटा किंगफिशर हरी चिड़िया जैसा होता है। किंगफिशर मादा पांच से सात सफेद अंडे देती है।

किंगफिशर के 9 रोचक तथ्य

1 . यह पक्षी 6 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक जीवित रहते हैं। यह रेगिस्तानी इलाकों को छोड़कर हर जगह पाए जाते हैं।

2 . किंगफिशर की विभिन्न जातियां कहीं जगह पर पाई जाती है। किंगफिशर कुल मिलाकर 87 प्रजाति है। भारत में किंगफिशर की नौ प्रजाति मिलती है।

3 . माता किंगफिशर आमतौर पर औसतन 3 से 6 अंडे देती है। नर और मादा दोनों ही अपने बच्चों का पालन पोषण करते हैं। बच्चों के लिए भोजन का इंतजाम भी करते हैं। जन्म के 2 से 3 महीने तक बच्चे पेरेंट्स की निगरानी में रहते हैं।

4 . किंगफिशर की आंखें बहुत तेज और शार्क होती है। मछलियों का शिकार करते वक्त यह पानी के ऊपर मंडराता रहता है। जब मछली इसको दिखाई देती है तब यह उस पर झपट्टा मारकर जोर से पकड़ लेता है ।

5 . किंगफिशर मुख्य रूप से पेड़ों पर और पानी के आसपास निवास करते हैं। इसलिए इनकी परवर्ती भी भिन्न होती है। पेड़ों पर रहने वाले किंगफिशर के पतंगों को खाते हैं। और पानी के पास निवास करने वाले मछलियों को खाते हैं।

6 . किंगफिशर पक्षी आकार में छोटे और बड़े दोनों ही होते हैं।‌ दुनिया का सबसे बड़ा किंगफिशर पक्षी ऑस्ट्रेलिया में मिलता है। जिसका वजन औसतन 355 ग्राम और आकार 18 इंच का होता है। सबसे छोटे आकार का पक्षी अफ्रीका में पाया जाता है। जिसका वजन औसतन 10 ग्राम और आकार 4 इंच का होता है।

7 . किंगफिशर आंखों में एक विशेष प्रकार की दिल्ली होती है। जो इन्हें पानी में गोता लगते समय इनकी आंखों को सुरक्षित रखती हैं।

8 . किंगफिशरका अधिकतर भाग कत्थई रंग का होता है। इस पक्षी के पंख चमकीले नीले रंग के होते हैं। जिसके सर पर नीले रंग की धारियां भी होती है। नर और मादा किंगफिशर दोनों देखने में बिल्कुल एक जैसे होते हैं‌।

9 . सर्दियों में यह पक्षी प्रवास भी करते हैं। उस समय यह उन क्षेत्रों में चला जाता है। जहां पानी बर्फ में जमा नहीं होता है।

किंगफिशर की जगह के पास रहना पसंद करता है

किंगफिशर एक सुंदर व चमकीला पक्षी है। यह पानी की जगह के पास रहना पसंद करता है। उन्हें निश्चित रूप से किंगफिशर का नाम इसलिए दिया गया यह जबरदस्त उड़ाक बहुत मछली खाते हैं। यह अपने परिवार को रोजाना स्वादिष्ट भोजन खिलाते हैं।

इसी प्रकार किंगफिशर की नजर भी बहुत तेज होती है। अपनी हर आंख का अलग से इस्तेमाल कर सकते हैं। और पानी के सतह के मामूली बदलाव को पकड़ सकते है। किंगफिशर के शिकार करने की वह मजबूत टहनी है। जिस पर बैठकर वह अपने शिकार पर नजर रख सकता है।

एक बार जब किंगफिशर एक खास मछली पर नजर जमा लेता है‌। तो वह सतह की नीचे की गहराई का पता लगाता है। फिर वह साफ करता है। शिकार उससे कितनी दूर है।कितनी तेज गति से उडना है। और फिर वह मछली के पास जाना है। पर जैसे ही यह पानी से टकराता है।

पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता किंगफिशर को।

तो इसकी पलकें बंद हो जाती है। इन्हें पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता है। पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। उनका बाहर से लगाया हुआ अंदाजा ही उसे अपने शिकार करने में सहायता करता है। किंगफिशर अपने शरीर से आधा वजन का खाना खाता है। जब इनके बच्चे होते हैं।

तो उन्हें लगातार खाने की जरूरत पड़ती है। किंगफिशर के भूखे बच्चे अपने माता-पिता से 1 दिन में 100 से भी ज्यादा मछलियों की मांग कर सकते हैं। और उनकी मांग को पूरा करने के लिए किंगफिशर को पूरे दिन शिकार करना पड़ता है। उनकी मां उनकी देखभाल करती है। और उनके पिता उनके लिए खाना लेकर आते हैं।

छोटी मछली बच्चों का पेट भरने के लिए काफी नहीं है। इसलिए उससे उनका पेट बिल्कुल भी नहीं भरता है। बारिश के मौसम में किंगफिशर को अपना शिकार पकड़ने में बहुत ही मुश्किल होती है। लेकिन यह किसी मछली को देख लेता है।

तो नहीं छोड़ता है। अगर इनके बच्चों के पास खाना नहीं पहुंचा तो वह भूख से मर भी सकते हैं किंगफिशर अपने फर्ज को अच्छे से समझता है। इसीलिए वह बच्चों के लिए भोजन तलाशता रहता है।