लड़की पेशाब कैसे करती है। लड़की कैसे पेशाब करती है । औरत पेशाब कैसे करती है ।

लड़की पेशाब कैसे करती है। लड़की कैसे पेशाब करती है । औरत पेशाब कैसे करती है ।

पेशाब करने का तरीका सबका अलग अलग होता है । प्रत्येक जानवर , पक्षी और मनुष्यों का तरीका पेशाब करने का अलग अलग होता है । जानवरों में यदि कुत्ते की बात की जाए तो कुत्ता एक टांग ऊपर करके पेशाब करता है । वहीं यदि कुत्तिया की बात की जाए तो कुत्तिया अपने दोनों पीछे वाले टांगों को नीचे की तरफ झुका करके पेशाब करती है । ठीक इसी प्रकार मनुष्य के पेशाब करने का तरीका अलग होता है ।

मनुष्यों में स्त्री , पुरुष और बूढ़ों का पेशाब करने का तरीका अलग होता है। आज का युवा और बच्चे खड़े होकर के पेशाब करते हैं । वही बड़े बुजुर्ग और बूढ़े लोग बैठकर के पेशाब करते हैं । इसी तरीके से लड़कियां और महिलाएं बैठ करके ही पेशाब करती है ।

पेशाब करने का तरीका हमारे वस्त्रों के पहनावे पर और प्रकृति द्वारा बनाए गए डिजाइन के आधार पर निर्भर करता है । पुरुषों का पहनावा इस प्रकार से होता है कि वह खड़े होकर के पैसा कर सकते हैं । जबकि महिलाओं का पहनावा कुछ इसी प्रकार से होता है कि वह खड़ी होकर के पेशाब नहीं कर सकती । उनको पेशाब करने के लिए बैठना पड़ता है ।

पुरुष खड़े होकर की पेशाब इसलिए कर सकते हैं क्योंकि पुरुषों में लिंग मौजूद होता है । लिंग को वह बाहर निकाल कर के पेशाब कर सकते हैं । जबकि महिलाओं में प्रकृति द्वारा इस प्रकार का कोई भी अंग नहीं दिया हुआ है ।

लेकिन वर्तमान में आई नई टेक्नोलॉजी के कारण लड़कियां और महिलाएं भी खड़े होकर के पेशाब कर सकती है । बूढ़े भी खड़े होकर के पेशाब कर सकते हैं , लेकिन वह ऐसा नहीं करते हैं ।

डॉक्टर्स की मानें तो खड़े होकर पेशाब करने से मूत्र नलिका पूरी तरीके से खाली नहीं होती है । खड़े होकर पेशाब करने से पेशाब मूत्राशय में इकट्ठा होकर के रह जाता है और मूत्राशय की थैली पूरी तरीके से खाली नहीं होती है । डॉक्टर्स की मानें तो प्रत्येक व्यक्ति को बैठ कर के ही पेशाब करना चाहिए । बड़े बुजुर्ग बैठकर के पेशाब करते हैं यह एक सही तरीका है पेशाब करने का । प्रत्येक युवा व्यक्ति को ही इसी तरीके को अपनाना चाहिए ।

पेशाब करने का तरीका हिंदू समाज में और मुस्लिम समाज में भी अलग अलग है । आप इस बात पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि हिंदू समाज के लोग अक्सर खड़े होकर के पेशाब करते हैं । जबकि मुस्लिम समाज के लोग पेशाब बैठकर के करते हैं ।

औरत पेशाब कैसे करती है aurat peshab kaise karti hai

कोई भी औरत क्यों ना हो औरत पैशाब बैठकर के करती है । क्योंकि प्राचीन समय से ही यह एक चला आ रहा है । इस रिवाज के अनुसार महिलाएं खड़ी होकर के पेशाब नहीं कर सकती है । इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी छुपा हुआ है । इसके पीछे का एक दूसरा कारण यह भी है कि महिलाओं का पहनावा कुछ इस प्रकार से होता है जिसके कारण पर खड़ी होकर के पेशाब नहीं कर सकती है। महिलाओं की प्राकृतिक डिजाइन के कारण जो महिलाएं खड़े होकर के पेशाब नहीं कर सकती है ।

लड़कियां कैसे पेशाब करती हैं ladki peshab kaise karti hai

महिलाओं की तरह लड़कियां बैठकर के पेशाब करती है । क्योंकि लड़कियां खड़ी होकर के पेशाब नहीं कर सकती है । यदि कोई लड़की खड़ी होकर के पेशाब करने की कोशिश करती है तो पुरुषों की तरह महिलाओं का पेशाब आगे की तरह नहीं जाता है । पेशाब नीचे की तरफ जाता है जिससे कि महिलाओं के पैर खराब हो जाते हैं । यदि लड़कियां खड़ी होकर के पेशाब करती है तो पेशाब उनके पैरों में चला जाता है जबकि पुरुषों में ऐसा नहीं होता है ।

ladki susu kaise karti hai

लड़की सुसु कैसे करती है । चलिए इसके बारे में बताते हैं । लड़कियां सुसु करती है तब पेशाब प्रेशर के साथ योनि से बाहर निकलता है । जिसके कारण लड़कियों की योनि से सुसु करते समय सि सि की आवाज निकलती है । लड़कियां सुसु योनि के ऊपर एक छोटे से छेद से करती है ।

पेशाब करती लड़की दिखाओ

लड़कियों के पेशाब करने का छेद अलग होता है । लड़कियों की योनि के ऊपर एक छोटा सा छेद होता है जिससे लड़कियां पेशाब करती है । पेशाब करने का छेद और योनि का छेद दोनों अलग-अलग होते हैं । योनि का छेद नीचे की तरफ होता है और पेशाब करने का छेद योनि से ऊपर की तरफ होता है ।

लड़की जब पेशाब करती है तो आवाज़ क्यों आती है योनि से?

लड़की जब पेशाब करती है तो सुसु की आवाज योनि से नहीं आती है , बल्कि तेज गति से निकलने वाले पशाब की आती है जो की योनि से ऊपर मौजूद छेद से निकलता है । लड़कियों के पेशाब करते समय सुसु की आवाज योनि से नहीं निकलती है बल्कि पेशाब करने वाले छेद से निकलती है जो कि पेशाब के तेज प्रेशर की वजह से उत्पन्न होती है। लड़कियों के पेशाब करने का छेद योनि के ऊपर होता है जिनसे लड़कियां पेशाब करती है ।

अब खड़े होकर पेशाब कर सकेंगी महिलाएं और लड़कियां ।

आजकल आपने खड़े होकर पेशाब करती लड़की को तो देखा ही है । यह कमाल भारत की रहने वाली दीप बजाज ने किया है । दीप बजाज ने नली के समान एक कीट का निर्माण किया है जिसका नाम पी-बडी रखा है । पी-बडी की मदद से भारतीय महिलाएं अब खड़ी हो करके पेशाब कर सकती है । अब भारतीय महिलाओं को खड़ी होकर के पेशाब करने में कोई भी दिक्कत और परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा ।

पेशाब करती हुई लड़कियां

आजकल खड़े होकर पेशाब करती हुई लड़कियों को आप पुरुष टॉयलेट के अंदर देख सकते हो। यह कमाल पी-बडी नामक कीट के कारण हुआ है । इस किट के कारण लड़कियां खड़ी होकर के पेशाब कर सकती है । अब लड़कियों को शौचालय में बैठकर पेशाब करने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।

अब लड़कियों के लिए लेडीस टॉयलेट की कोई जरूरत नहीं है । क्योंकि भारत में देखा जाए तो पब्लिक पैलेस पर लेडीज टॉयलेट होता ही नहीं है। इस स्थिति में भारतीय महिलाओं को और लड़कियों को पेशाब करने में बहुत बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है । लेकिन पी-बडी के इस आविष्कार के कारण लड़कियां और महिलाएं अब पब्लिक प्लेस पर मौजूद उस टॉयलेट में खड़े होकर के पेशाब कर सकती है ।

लड़कियां कैसे पेशाब करती है । लड़की पेशाब करती है

लड़की पेशाब कैसे करते हैं । पी-बडी नामक कीट के कारण लड़कियां खड़े होकर के पेशाब कर सकती है । आमतौर पर लड़कियां बैठ करके पेशाब करती है । सार्वजनिक शौचालयों की सफाई सही से नहीं होने के कारण महिलाओं को संक्रमण का खतरा रहता है । इन सभी समस्याओं को देख कर के पी-बडी का आविष्कार हुआ है । जिससे लड़कियां खड़े होकर पेशाब करती है ।

प्राचीन समय से ही लड़कियां और महिलाएं जब खुले में पेशाब करती थी तब एक महिला बैठ जाती थी और बाकी महिलाएं चारों ओर से उन्हें घेर लेती थी , ताकि यह सब करते समय उसे कोई देख ना सके । लेकिन पी-बडी के आविष्कार के बाद अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है । अब महिलाएं पुरुष टॉयलेट में जाकर के खड़े होकर के पेशाब कर सकती है ।

औरत कैसे पेशाब करती है aurat kaise peshab karti hai

औरत पेशाब बैठकर के करती है । पी-बडी के अविष्कार के बाद कुछ औरतें खड़े होकर के पेशाब करती है । लेकिन अभी भी अधिकतर भारतीय औरत बैठ कर के ही पेशाब करती है । यदि कोई औरत ऐसी जगह पर पेशाब करती है जो कि खुले में है तब , वह औरत बैठ जाती है जिसे पेशाब करना होता है और बाकी की औरतें चारों ओर से घेर लेती है । जिससे कि पेशाब करती औरत को कोई देख ना सके ।

पी-बडी का आविष्कार उन महिलाओं के लिए रामबाण साबित होने वाला है जो कि पूरे दिन घर से बाहर रहती है या फिर जिनका अधिकतर समय घर से बाहर निकलता है । ऐसी महिलाएं जो की मार्केटिंग करती है । उन महिलाओं के लिए पी-बडी सबसे बड़ा आविष्कार है । यह आविष्कारों काफी राहत देने वाला है ।

पी-बडी के आविष्कार के बाद बाहर रहने वाली महिलाएं स्वतंत्र रूप से कहीं पर भी हल्की हो सकती है । पी-बडी का आविष्कार जब नहीं हुआ था तब महिलाओं को हमेशा ऐसी जगह की तलाश रहती थी जहां पर लेडीज टॉयलेट हो । यदि लेडीज टॉयलेट नहीं होता तो महिलाओं को टॉयलेट करने में काफी परेशानी होती और फिर महिलाओं को आखिरकार पुरुष टॉयलेट में जाना पड़ता था जो कि थोड़ा सा शर्मनाक होता था ।