पोलर बियर के बारे में रोचक तथ्य

1 – आइए हम अब नार्वे में चलते हैं । यहां पर सतह पर बर्फ जमी हुई रेहती है या फिर दुनिया के सबसे भारी भरकम जानवर रहते हैं । 25000 से भी ज्यादा पोलर बियर किसी भी तरीके से इस बर्फीले इलाके में सरवाइव करते हैं ।

2 – यदि यह पोलर बियर अपने पीछे वाले टांगों पर सीधा खड़ा हो जाए तो यह लगभग 3 किलोमीटर लंबा और 600 किलो तक हो सकता है ।

3 – इसका 10 सेंटीमीटर मोटा फर इसको यहां की भयंकर सर्दी से इन्हें बचाता है । यह समुद्री बर्फ पर सींल की तलाश में घूमता रहता है । इसके नाक बहुत तेज होती है । इसे 30 किलोमीटर दूर से ही शिकार का पता लग सकता है ।

4 – एक सील और उसका बच्चा स्विमिंग पूल के पास आराम कर रहे हैं । सील के बच्चे को कुछ हफ्तों तक सुखी जगहों पर गुजारना पड़ता है । जब तक कि उनके पंख पूरे तरह से वाटरप्रूफ ना हो जाए कि उनके पंख पूरी तरह से वाटरप्रूफ ना हो ।

5 – इससे पोलर बियर को शिकार का मौका मिल जाता है । सील की नजर बहुत ही कमजोर होती है और वह अपने आसपास के खतरों से अनजान है । इस बार पोलर बीयर चूक गया । साल के इन दिनों में 50 में से सिर्फ एक शिकारी हाथ लगता है ।

6 – लेकिन जीने के लिए इतना काफी है । पोलर बियर के अलावा कुछ ही जानवर शायद ऐसे बने होंगे जो इतने कम टेंपरेचर का अच्छी तरह से सामना कर पाए । लेकिन अफ्रीका में एक छोटा सा जीव है जो एक खतरनाक मौसम में जिंदा रह लेता है

रेगिस्तानी चिटीयो के बारे में रोचक तथ्य

1 – यहां का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस के आसपास होगा जो आदमी को जिंदा जला सकता है । लगता है कि इस भयंकर गर्मी को रेगिस्तान की चीटियां सहन कर लेती है । इनके पैर कुछ ज्यादा ही लंबे होते हैं जो इनको तपती हुई जमीन से ऊपर उठा करके रखते हैं ।

2 – यह अपने बिल को ठीक करने में जुटी हुई है । इन्हें रेत पर चलने के लिए ज्यादा ठंडा रखते हैं । कुछ चिंटीयों के शरिर पर छोटे-छोटे बाल भी होते हैं । उनका शरीर एक खास तरह के प्रोटीन बनाते हैं जो अपना घर बनाते वक्त उन्ह गर्मी से बचाते हैं ।

3 – लेकिन यदि उन चिंटीय़ो को खाना चाहिए तो इन्हें रेगिस्तान में बाहर निकलना पड़ता है । इतनी भयंकर गर्मी में बाहर निकल कर के पहले बहुत सारे जानवर जिंदा नहीं रहते हैं और उन्हें यह चीटियां खा लेती है ।

4 – लेकिन यह गलत वक्त पर निकल आई है । उनके पास करीब 10 मिनट है । उसके बाद यह भी जल सकती है खुशकिस्मती से यह चीटियां अपने घर का सीधा रास्ता कैलकुलेट कर लेती है ।

5 – इनका छोटा सा दिमाग कदम भी गिन सकता है । उसके बाद सूरज के एंगल से यह पता लगा लेती है कि एक सीधी लाइन में पहुंचकर चलकर के घर कैसे पहुंच सकते हैं ।

6 – यदि वह रास्ता रास्ता भटक जाए तो मर जाएगी । इस मोटी सी पूछ वाले बिच्छू की तरह जो कि इनका खाना बनने वाला है । यह चिंटीयों के लिए बहुत बड़ी दावत है । लेकिन बिच्छू अभी भी जिंदा है । इसलिए वह इसके खतरनाक ढंग से सावधान रहती है ।

7 – इसके हाथ और पैर अलग करने के लिए यह सब मिलकर के इन पर टूट पड़ती है और उन्हें खाना शुरु कर देती है । इन्हें इस तपती गर्मी में जल्दी काम करना पड़ेगा । वरना यह गर्मी उन्हें भी जला डालेगी । कुछ देर बाद ही इनके टुकड़े-टुकड़े हो गए ।

8 – इसके बाद चीटियां घर की तरफ चल देती है और एक-एक करके उसके टुकड़े अपने साथ ले जाती है । टुकड़े अपने साथ ले जाती है । चीटियां उसके पूरे शरीर को अपने बिल में ले जाती है और पूरा खा जाती है ।

9 – कुछ भी बाकी नहीं छोड़ती है । कई चीटियां इस मुश्किल काम को करते करते मर जाती है । लेकिन उनकी कॉलोनी को जिंदा रहने के लिए उन्हें यह कीमत चुकानी पड़ती है ।