खुदको कैसे सुधारें Self-improvement tips in hindi

Self-improvement tips in hindi – आज हम आपको इस आर्टिकल मे कुछ ऐसी बाते बताने वालें है जिसे अगर आपने अपनी लाइफ का हिस्सा बना लिया तो आपकी लाइफ पहले जैसी कभी नही रहेगी, ये Self-improvement Tips आपको ना केवल पहले से ज्यादा खुश बनाएगी बल्कि आपकी वित्तय हालत भी सुधारेंगी लेकिन हमारी आपसे गुजारिश है की इस आर्टिकल को अन्त तक पुरी गहनता से पढें और अगर कोई चीज समझ ना आए तो आप कमेंट के द्वारा हमसे पूछ सकते हैं ।

Self-imrovement tips in hindi

 

Self-improvement tips in hindi
Self-improvement tips in hindi

 

ये टिप्स हम आपको बेस्ट 50-60 Self-Improvement किताबो को पढने के बाद बता रहें हैं । इसलिए इन Tips को पूरे ध्यान से पढें और इनकी तब तक प्रैक्टिस करते रहें जबतक की ये Tips आपके चरित्र और स्वाभाव का अभिन्न हिस्सा ना बन जाए तो चलिए शुरू करते हैं ।

आत्म सुधार और Self-help से सम्बन्धित किताबें पढिए

किताबे ना केवल समय बिताने का सबसे अच्छा ज़ारिया होती है बल्कि इसमे लेखक अपने अनुभव के निचौड से एक एक शब्द को सजाता है । जिन चीजों को सीखने मे किसी व्यक्ति को पुरी जिदंगी का समय लग गया उसे आप केवल एक किताब के द्वारा कुछ ही दिनो मे सीख सकते हैं ।

किताबें कभी छूट नही बोलतीं जबतक की वो किसी विश्वनीय व्यक्ति द्वारा लिखी गई हों । एक अच्छी किताब किसी व्यक्ति का पुरा जीवन बदल सकती है । दुनिया के जितने भी सफल लोग हैं वो सभी किताबी कीड़े हैं ।

दुनिया के सबसे अमीर आदमी बिल गैट्स कहते है “The more you learn the more you earn” यानि जीतना आप सीखेंगे उतना ही कमाएंगे ।

किताबें नई चीजें सीखाने के साथ-साथ सोचना का एक नया नज़ारिया भी देंती है । इसलिए अगर आप मुझ से केवल एक ऐसी Self-improvement टिप पूछोगे जो जिदंगी के हर क्षेत्र को सुधारे तो मै आपको किताबें पढने ( Reading books ) की सलाह दूंगा

लेकिन आपको ये भी नही भूलना चाहिए की आज मार्केट ( Market ) मे जो किताबें Available हैं उनमे 99.99% किताबें कूडा हैं जो सर्दीये मे हाथ तापने के लिए बहुत अच्छी रहेंगी लेकिन अगर आपको सच मे ऐसी किताबें चाहिए जो आपको पुरे जीवन को बदल दें तो आपको हमारा पिछला आर्टिकल पढना चाहिए जिसमे हमने आपको 15 किताबो के बारे मे बताया था ।

उन किताबो को पढने का एक फायदा ये होगा की जब कभी आप किसी किताब को खोल कर देखोगे तो आपको आसानी से पता चल जाएगा की इस किताब से हाथ तापने है या फिर सचमुच इसे पढने का कोई फायदा मिलेगा ।

मगर जब तक आप किसी किताब की शिक्षा को अपनी लाइफ मे Aply नही करोगे तब तक किसी भी किताब का कोई फायदा नही होगा इसलिए किताबों को पढने के साथ-साथ उनके ज्ञान ( Knowledge ) को पुरी शक्ति और जुनून के साथ अपनी लाइफ मे Aply भी करिए फिर देखिए आपकी जिदंगी मे कैसे-कैसे चमत्कार होते हैं ।

अपनी जिदंगी की 100 प्रतिशत जिम्मेदारी

लिजिए अगर मै आपसे कहू की आपको अपनी लाइफ की 100 प्रतिशत जिम्मेदारी लेनी चाहिए तो आप तुरन्त जबाव देंगे की मै अपनी लाइफ 100% जिम्मेदारी लेता हू लेकिन असल मे ऐसा है नही ! बरना आप इस आर्टिकल को नही पढ रहे होते |

देखिए अगर आपने कभी अपनी असफलता या सफलता, अपनी बुरी किस्मत, बुरे मूड, खराब रिश्तो, और बुरे स्वास्थ्य ( Health ) के लिए किसी पर दोष लगाया है तो आप खुदकी 100 प्रतिशत जिम्मेदारी नही ले रहें है For example मेरा एक समीर नाम का दोस्त है । समीर की अच्छी नौकरी है, बेशुमार प्यार करने वाले माँ-बाप है और अच्छी-खासी Health है लेकिन फिर भी समीर खुश नही है ।

दरअसल उसकी शादीशुदा लाइफ मे कई समस्याए चल रही हैं । उसने मुझे बताया की उसकी वीबी ( Wife ) हर समय उससे झगडती है, उसकी Respect नही करती और उससे बिल्कुल भी प्यार नही करती, और अन्त मे समीर ने कहा की “मुझे तो कभी-कभी शक भी होता है की कहीं उसका किसी लडके से चक्कर तो नही चल रहा हैं”

जबकी ऐसा कुछ भी नही था वो उससे बहुत प्यार करती थी लेकिन दोनो की नई-नई शादी हुई थी इसलिए उन्हे समझ नही आ रहा था की एक दूसरे से ताल-मेल कैसे बैढाए । मेने उससे कहा “देख भाई अगर तुझे अपना रिश्ता बेहतर बनाना है तो खुदके Actions की 100 प्रतिशत जिम्मेदारी लेनी पडेगी”

ये सुनते ही वो गुस्से से आग-वबुला हो गया उसने चीखते हुए कहा “तुझे पता नही की मै कितनी कोशिशें कर रहा हू उसकी जरूरतो और इच्छाओ का भी पूरा ध्यान रखता है लेकिन वो है की मानती ही नही ।

तब मेने कहा देख मेरे भाई तु कभी इस चीज को कन्ट्रोल नही कर सकता की दूसरा व्यक्ति क्या सोचता, और महसूस करता है तु केवल अपने Actions को ही कन्ट्रोल कर सकता है अगर तुझे अपनी शादी बचानी है तो अपना पुरा Effort डालना होगा तुझे हर वो चीज करनी चाहिए जिससे तेरा रिश्ता सुधर सके अगर और ये सब तुझेे बिना किसी उम्मीद के करना होगा

यानि तुझे अपनी पुरी जिम्मेदारी निभानी होगी वो भी बिना किसी expectation के क्योकि तु कभी किसी दूसरे Actions और Thinking कन्ट्रोल नही कर सकता । और जब तु अपना वर्ताब बदल लेगा तो हो सकता है उसे भी अपनी जिम्मेदारीयो की याद आ जाए और वो भी खुदको बदल दें ।

चार महीने बाद मेरी समीर से दौबारा मुलाकात हुई । समीर ने मुझे देखते ही गले लगा लिया और कहा की यार दैरी सलाह काम कर गई मेने वो सभी काम किये जिससे मै अपनी Marriage Life बचा सकता था और अब मेरी वीबी मेरी जीवनसाथी नही बल्कि मेरी Best Friend बन गई है । यानि केवल अपनी Personal responsibility और Zero expectation से समीर ने अपनी शादीशुदा लाइफ Transform कर दी.

ये तो केवल relationship का उदाहरण था अगर आप Personal responsibility को किसी भी क्षेत्र मे आजमाएगे तो आपको 100% सफलता मिलेगी तो अगर आप अभी भी किसी परिस्थिति, समय, उम्र या व्यक्ति का इतेजार कर रहे थे आपको जाग जाना चाहिए आपको अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए खुद ही लडना होगा क्योकि ना परिस्थितिया बदलती है और ना ही लोग ।

स्वयं-अनुशासन मे रहिए

जब तक आप समय और चीजो को अनुशासन की डोर से कन्ट्रोल नही करोगे तब तक वो आपको कन्ट्रोल करेंगी दरअसल कढा अनुशासन व्यक्तित्व को मजबूत करता है जिससे Self-belief यानि खुद पर भरोसा बढ़ता है जो आत्मविश्वास को बढ़ता है और आत्मविश्वास आपको Risk और बडे Actions लेने के लिए प्रेरित करता है ।

स्वयं अनुशासन केवल व्यक्तित्व को ही मजबूती नही देता बल्कि ये सफलता और कमयाबी का आधार भी है । Clear direction और अटूट अनुशान जब आपस मे चिपक जाते है तो अब असम्भव संभव बन जाता है सफलता बडे Actions को एक साथ लेने से नही आती बल्कि छोटे Boring Actions को निरंतरता के साथ करने से आती है । इसलिए अपनी लाइफ मे स्वयं-अनुशासन ( Self-discipline ) को जरूर डेवलप करें ।

बुरी आदतों से छुटकारा पाए

बुरी आदतें दीमक की तरह होती हैं जो धीरे-धीरे हमारे व्यक्तित्व को अन्दर से खोखला कर देती हैं और आप जानते ही है की कमजोर और खोखले व्यक्तित्व से कभी जीवन के संघर्ष नही जीते जाते । बुरे आदतों का सबसे बडा नुकसान ये है की इससे हम एक लाइफस्टाइल के गुलाम बन जाते है जिसके कारण अपने Daily routine मे कुछ Productive Add करना बहुत मुश्किल हो जाता है ।

अगर बुरी आदतो को समय रहते ना बदला जाए तो ये पुरा जीवन वर्बाद कर से रख देतीं है । बुरी आदत एक पेड़ की तरह होती है जो जितना पुराना होता है उसकी जडें जमीन मे उतनी ही गहराई तक पहुच जाती है जिसे फिर बाद मे उखाड़ना उतना ही मुश्किल हो जाता है इसलिए जितनी जल्दी हो सकें बुरी आदतों से पीछे छुटा लें क्योकि आदतें जितनी पुरानी होती चली जाती है उन्हे उखाड़ फेकना उतना ही मुश्किल हो जाता है ।

अच्छी आदतें डालें

जब आप खुदको बुरी आदतों ( Bad habits ) से मुक्त कर लेंगे तो इससे आपके Daily routine मे खाली समय बचेगा जिसे अगर आपने समझदारी से नही भरा तो कोई ना कोई बुरी आदत आपके जीवन मे दोबारा घुस आएगी इसलिए बुरी आदत को उसकी विपरीत आदत से Replace कर दीजिए ।

एक महान दार्शनिक अरस्तू ने कहा था की The secret of change is not fighting the old but building the new यानि बदलाव का रहस्य पुराने से लडना नही है बल्कि नए को बनाना है ।

अगर आप बुरी लतो से लडते रहेंगे तो इससे आपको बहुत Frustration होगी लेकिन जब आप सकारात्मक तरीके से Habit replacement करेंगे तो इससे आप बिना परेशानी के आदत बदल पाएगें लेकिन आपको हमेशा अच्छी आदतों ( Good habits ) से लेस होना चाहिए इससे आपको अपने लक्ष्यो को प्राप्त करने मे मदद मिलेगी और बुरी आदतें आपके जीवन मे नही घुस पाएगी ।

स्वास्थ्य का ध्यान रखें

आज ज्यादातर लोग एक आम गलती करते है पहले वह लोग पैसे कमाने के लिए अपना स्वास्थ्य गवा देते है और फिर स्वास्थ्य के लिए पैसे को गवाँ देते है लेकिन स्वास्थ्य इंसान का सबसे किमती धन है अगर शरीर मे किसी प्रकार की समस्या हो तो सारी दौलत बेकार है सुख-साधन भी आप तभी भोग सकतेे है जब शरीर सभी बाधाओ से मुक्त हो

For example मेरे पापा के बडे भाई यानि मेरे ताऊ बहुत अमीर है और उन्हे नई-नई तरह की चीजें खाना बहुत पसंद है लेकिन वह उनको खा नही सकते क्योकि उन्हे शुगर है और पेट से जुडी बहुत समस्याए है जिसके कारण वो चहाते हुए भी अपनी दौलत से Enjoyment नही ले सकते ।

इसलिए पैसे कमाने और दुनिया को खुश रखने के चक्कर मेे अपने स्वास्थ्य ( Health ) से सौदा मत कर बैढना क्योकि उस व्यक्ति का सोने के महल मे बैढना का कोई फायदा नही जिसे दिखाई ही नही देता, लेकिन फिर भी आपको पुरा फोकस Health मे भी नही डालना चाहिए क्योकि पैसो की कमी आपको मानसिक रूप से कमजोर कर देगी जिससे Health भी जाएगी और Wealth भी । इसलिए आपको एक संतुलित लाइफ को प्रथमिकता देनी चाहिए

Growth Mindset रखें

देखिए किसी भी परिस्थिति मे हमारी सोच एक अहम भूमिका निभाती है अगर आप किसी चीज के प्रति सकारात्मक रवाईया अपनाते है तो इससे आपके विचार और Actions भी सकारात्मक दिशा मे Flow होंगे जिससे आपको परिणाम ( Result ) भी सकारात्मक मिलेगे ।

लेकिन कुछ लोग यही पर गलती करते है दरअसल जब हम किसी चीज को लेकर किसी प्रकार का नज़ारिया बना लेेते है तो हमारा अवचेतन मन उसे सच करने मे लग जाता है.

शायद कभी अपने ध्यान ना दिया हो की कोई व्यक्ति आपसे बहुत अच्छे से बोलता है और आपसे व्यवहार भी अच्छा करता है लेकिन वहीं कुछ लोग उसे बुरा बताते है और उसके बारे तमाम बुरी बाते कहते है । आपका जब भी उससे Interaction होता है तो आपको उसमे कुछ भी बुरा नज़र नही आता । क्योकि व्यक्ति बुरा नही था लोगो का नज़रिया बुरा था

चलिए इसको साबित करने के लिए मै आपको एक Experiment करने को देता है आपको अपने 2 ऐसे दोस्तो को ढूढना है जो पहले कभी एक दूसरे से ना मिलें हो आपको अपने एक दोस्त को दसरे दोस्त के बारे मे बहुत बुरी-बुरी बातें बतानी है और उसके सामने उस व्यक्ति की एक नकारात्मक Image पैदा करनी है ऐसा आपको 10-11 दिन करना है इसके बाद उन दोनो की किसी तरह मुलाकात करा देनी है इस बात के 99% Chance है की आपका दोस्त आपके दूसरे दोस्त को बुरा बताएगा

क्योकि आपकी बातों ने आपके दोस्त के दिमाग मे उस व्यक्ति के लिए एक नकारात्मक Image पैदा कर दी है जिसे सच साबित करने के लिए उसका अवचेतन मन ( subconcious mind ) पुरी शक्ति लगा देगा । ये Rule केवल लोगो के बारे मेे नकारात्मक या सकारात्मक Image बनाने के लिए ही काम नही करता बल्कि ये आपकी जिंदगी के हर क्षेत्र मे काम करता है ।

अगर आप सोचते है की मै उस लक्ष्य को हासिल नही कर सकता, उस काम को नही कर सकता या उस व्यक्ति से शादी नही कर सकता तो आपका अवचेतन मन इस बात को पकड लेगा और उसी तरह की Images को Reality का रूप दे देगा इसलिए हमेशा लोगो, हालतो और खुदके प्रति सकारात्मक नज़ारिया रखें ।

मानसिक तनाव से दूर रहिए

समस्याए और मुश्किलें हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा होती हैं कोई इंसान इनसे नही बच सकता शायद ही कोई व्यक्ति हो जिसने अपनी जिदंगी मे कभी किसी Problem का सामना ना क्या हो लेकिन कुछ लोग इन समस्याओ को खुदसे बडा बना लेते है, वह लोग समस्याओ से लडने और उनका सामना करने के बजाय चितना, तनाव और टेन्शन लेना शुरू कर देतें है लेकिन क्या तनाव लेने से समस्या खत्म हो जाती है? नही बल्कि तनाव लोगो को मानसिक रूप से आपहिज बना देता है जिससे बादमे समस्याए और बढ़ जाती है ।

इसलिए अपने जीवन से सभी तरह के तनाव, चिन्ता, टेशंन और डर को अलविदा कह दें और एक शेर/शेरनी की तरह समस्याओ से लडें

ध्यान करें ( Do meditation )

एक अध्यन मे पता चला की एक व्यक्ति को प्रतिदिन औसतन 40 से 80 हजार अलग-अलग तरह के विचार आते हैं जिनमे 99% विचार बिल्कुल बेकार होते है । अगर हम इसी तरह अपनी मानसिक शक्ति को बेवजह के विचारों मे बर्वाद करते रहेंगे तो इसके कारण हमारे पास जरूरी कामो के लिए मानसिक शक्ति Available नही होगी अगर इसी तरह फालतू के विचार आपके दिमाग मे कौंदते रहेगे तो इसको सर मे दर्द और Low energy जैसी समस्याए हो सकती हैं ।

आप इस समस्या से मेडिटेशन के द्वारा निकल सकते है क्योकि ध्यान मे हमें शून्य विचार रहने की प्रैक्टिस करनी पडती है और दिमाग हमारे हाथो मे आ जाता है ।

ध्यान से ना केवल आप दिमाग और मन को जीत सकते है बल्कि कई प्रकार के की मानसिक शक्ति डेवलप कर सकते हैं । मेडिटेशन करने से Focous और Concentration भी बढ़ता है साथ ही रेगुलर मेडिटेशन से आपको Peace of mind की प्राप्ती होगी इसलिए अपने Daily routine मे मेडिटेशन को जरूर शामिल करें ।

खुद पर निवेश किजिए

देखिए आप खुदके लिए दुनिया की सबसे कीमती चीज हैं आप अपने परिवार और Community के लिए इसलिए मेहनत करते है ताकि इनको खुश और satisfied देख कर आपको भी खुदके प्रति संतुष्टी और Happyness महसूस होती है इसलिए खुदकी Skills और Knowledge पर भी थोडा निवेश किजिए |

आपने दो लकडहारो की कहानी जरूर सुनी होंगी जिसमे एक लकडहारा पुरी शक्ति के साथ पेड़ काटने के बाद भी पुरे दिन मे 7-8 पेड काट रहा था जबकि दूसरा लकडहारा एक दिन मे 12-13 पेड़ काट रहा था जब पहले लकडहारेे ने दूसरे लकडहारे से पूछा की तुम इतने पेड़ कैसे काट रहे हो तो दूसरे लकडहारे ने जबाव दिया की मै आधा समय आरी को पैना करने मै बिताता हू ।

तो आपको भी दूसरे लकडहारे की तरह अपने दिमाग रूपी आरी कि धार को पैना करना चाहिए ताकी आप कम समय मे ज्यादा लक्ष्यो को काट पाए । इसके लिए आपको अपने क्षेत्र और Self-improvement से रीलेटेड किताबें, और Skills सीखनी चाहिए

अपनी उत्पादक क्षमता बढ़ाए

अगर आप एक Smart Worker बनना चहाते है तो आपको अपनी उत्पादक क्षमता बढ़ाना आना चाहिए क्योकि हर जगह कढी मेहनत ( Hard work ) का फॉर्मूला काम नही आता, अगर केवल हार्ड वर्क के द्वारा ही लोग सफल बन जाते तो आज हर रिक्शा चलाने वाला सफल होता लेकिन केवल शारीरिक हार्ड वर्क से आपको सफलता नही मिल सकती इसको लिए मानसिक तौर पर भी कढी मेहनत करनी होती है ।

अगर एक सही योजना Follow कर के किसी काम को अंजाम दिया जाए तो आप कम समय मे ज्यादा से ज्यादा Production कर पाएगे इसलिए आपको अपनी उत्पादक क्षमता यानि Productivity बढ़ानी चाहिए Productivity बढ़ाने के लिए आप हमारी Productivity वाले आर्टिकल को पढ सकते हैं ।

पसंदीदा काम को करिए

हमारी जिदंगी का बहुत बडा हिस्सा काम करते हुए बितता है अगर वही काम दुख का कारण बन जाए तो हमारी लाइफ मे दुख के सिवा कुछ नही रहेगा । अक्सर लोग पैसे या दूसरों की सलाह के लिए करियर चुनते है मगर उस काम के साथ जिदंगी भर हमें चुपके रहना है तो अगर करियर चुनना ही है तो कोई ऐसा चुनिये जिससे आप प्यार करते हों, जो आपको थकान की जगह ताज़गी देता हो और ज़िल्लत की जगह इज्जद देता हो देखिए

अगर आपमे थोडी Creativity और सच्ची लगन है तो आप किसी भी काम सेे करोडो कमा सकते है । इसलिए अगर हो सके तो अपना पसंदीदा काम ही करें ।

पहले खुश रहना सिखिए

आज ज्यादातर लोगो ने धारणा बना ली है कि Happyness यानि खुशी एक Action का End result है लेकिन अगर इस तरह हम Happyness को देखेंगे तो हमारी 99.99% लाइफ केवल इन्तेज़ार करते हुए ही बीत जाएगी कभी-कभी हम रिज़ाल्ट के करीब पहुच जाएगे जिससे हमें कुछ समय के लिए खुशी का एहसास होगा लेकिन वो कुछ ही पलो के लिए होगा ।

एंथोनी रॉबिन्स ( Anthony robbins ) अपनी बेस्ट सेलर किताब Awaken the giant within मे लिखते है की “हमें खुश रहने के लिए किसी कारण की जरूरत नही है क्योकि Happyness एक मानसकि दशा ( State of mind ) है जिसे बिना किसी कारण के भी cultivate किया जा सकता हैं” खुशी का इन्तेज़ार करना ही दुखी जीवन का करण है आपको खुश रहने के लिए किसी कारण की जरुरत नही है

For example कुछ लोगो को लगता है की वह बिना Girlfriend या boyfriend के खुश नही रह सकते लेकिन दलाई इलामा जो दुनिया के सबसे बडे बौद्ध गुरू है वे पिछले 70 सालो से कुवाँरे है जबकि कई मनोविज्ञानिक बताते है उनकी खुशी का लेवल ( Level of happyness ) आम लोगों से कही ज्यादा है ।

तो अगर आप चाहें तो 24 घंटे बिना किसी के कारण के भी खुश रह सकते हे इसलिए हर समय खुश रहने की आदत डालिये क्योकि यह समय तो बीत ही जाएगा क्योकि ना इसे खुशी के साथ ही बताए |

Affirmation बोलिये

आप जिन शब्दो दृढ़ता से बार-बार दोहराते है उसे आपका अवचेतन मन पकड लेता है एक बार आपका अवचेतन किसी चीज को स्वीकार कर ले तो उसको वास्तीविकता मे बदलने से कोई नही रोक सकता Affirmation का सबसे अच्छा फायदा ये है की इसके द्वारा आप अपने अवचेकन मन को प्रभावित कर सकते है जिसके बाद अवचेतन मन आपके लिए एक नौकर की तरह काम करेगा ।

Visualization करियें

हमारे विचार बीजों की तरह होतें और हमारा अवचेतन मन एक खेत की तरह होता है । खेत इस बात की परवाह नही करता की आप उसमे किस तरह के फल या सब्जियों के बीज बोते वह तो केवल आपको फसल तैयार कर के दे देता है ।

आपका अवचेतन मन खेत की ही तरह होता है जिसमे आपके विचार और कल्पना बीज की तरह काम करते है और फसल आपके Result यानि परिणाम हैं । इसलिए गरीबी के नही अमीरी के विचार रखें, अस्वस्थता के नही स्वास्थता के विचार रखें।

निष्कर्ष

आत्म-सुधार के लिए जरूरी है की आप Self-improvement और Self-help से रीलेटड किताबें पढें और खुदकी 100% प्रतिशत जिम्मेदारी ( Responsibility ) लें

अपने जीवन मे स्वयं-अनुशासन ( Self-discipline ) की आदत को डेवलप किजिए इससे आप आदतो और समय के कन्ट्रोल मे नही रहेंगे बल्कि समय और आदतें आपके कन्ट्रोल मे रहेगी बुरी आदतें एक दिमक की तरह होती जो धीरे-धारे व्यक्तित्व को अन्दर से खोखला कर देती है जबकी अच्छी आदतें ढाल की तरह होती हैं जो आपको बुरी दिनचर्या से बचाती है इसलिए बुरी आदतें से छुटकारा पाए औस अच्छी आदतें को Develop करें ।

आपका स्वास्थ्य आपके लिए सबसे कीमती धन है इसलिए इसकी कदर किजिए और Growth mindset रखिए । खुदको मानसिक तनाव से दूर रखिए क्योकि ये आपको मानसिक रूप से अपंग बना देगा तनाव और Stress से बचने के लिए आप ध्यान ( Meditation ) कर सकते हैं ।

आप खुदके लिए दुनिया की सबसे कीमती चीज है इसलिए खुद की Skills और Knoweldge पर निवेश किजिए | हार्ड वर्क केवल वेबकूफ लोग करते है इसलिए Hard work के साथ Smart Work भी किजिए | काम करते हुए हमारा जिदंगी का बहुत बडा हिस्सा बीतता है इसलिए ऐसा करियर या काम चुनिये जिसे आप दिस से पसंद करते हों ।

खुशी किसी Action या लक्ष्य का अन्तिम परिणाम नही है बल्कि एक मानसिक दशा है जिसे आप बिना किसी कारण के भी विकसित कर सकतें है । आपका अवचेतन मन एक खेत की तरह होता है और आपके विचार और कल्पना बीज की तरह आप जिस तरह के बीज बोएगे आपको उसी तरह की फसल यानि परिणाम प्राप्त होंगे इसलिए Affirmation और Visualization से अपने अवचेतन मन की सकारात्मक प्रोगरामिंग करें

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