कैसे छोटे एक्शन को बड़ी सफलता में बदलें Slight edge in hindi

Slight edge in hindi आज हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ सब कुछ फास्ट हैं । हमें अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के पास खत भेजने के लिए अब महीनों इंतजार नही करना होता, बल्कि मोबाइल की एक क्लिक से मेसेज एक देश से दूसरे देश पहुच जाता है ।

भूख को शांत करने के लिए कोई घंटो इंतेजार नही करता क्योकि 2 मिनट में फास्ट फूट तैयार हो जाता है । अगर शरीर में कही दर्द हो तो Rapid Pain Killer से वो तुरंत ढीक हो जाता है ।

लेकिन बदलती हुई फास्ट टेक्नोलॉजि नें हमारी मानसिकता भी पूरी तरह बदल दी है । हम हर जगह तुरंत Result मिलने की इच्छा करते हैं, और जब ऐसा नही होता, तो निराश होकर बैठ जाते हैं । इसका सबसे अच्छा उदाहरण Health industry में देखने को मिलता है ।

कुछ महीने पहले मेरा एक दोस्त मुझसे मिलने आया, उसके हाथ में कुछ कैप्सूल और पाऊडर थे । मेने उससे पूछा “ये तुम्हारे हाथ में क्या है?” वो बोला “क्या बाताऊ यार, मैं तो अपने मोटापे से बहुत परेशान हूँ,इसलिए ये कैप्सूल और पाऊडर लेकर आया हूँ इनसे एक महीने में मेरा मोटा कम हो जाएगा”

मेने उससे कहा की वो इन Product का सेवन न करे क्योकि इससे उसकी सेहत पर बुरा असर पड सकता है, लेकिन वो नही माना और कहने लगा… “Exercise ओर डाइट से वजन घटानें में बहुत समय लगता है, इतना इंतेजार कौन करे? |

उन Product से उसका मोटापा तो कम हो गया लेकिन तीन महीने बाद उनका Side effects दिखना शुरू हो गया, उसके पूरे बदन पर छोटे-छोटे लाल दाने हो गए और पेट पर सूजन आ गई |

तो Quick fix तरीकों और सफलता पाने के लिए शॉर्टकर्ट ढूँढ़ना उसके लिए बहुत भारी पड गया लेकिन आज ज्यादातर लोग ऐसा ही करते हैं । उन लोगे हर जगह शॉर्टकर्ट की तलाश रहती है । मुझे तो तब हैरानी हुई जब एक व्यक्ति ने मुझे Facebook paje पर मेसेज के द्वारा कहा की वो मेरे ब्लॉग को पिछले तीन महीनों से पढ़ रहा है और अभी तक वो सफल नही हो पाया है ।

लेकिन सफलता ऐसेे हासिल नही होती इसके आपको निरंतरता से लगातार लम्बे समय तक Small actions को करना होता है, जो वक्त के साथ कम्पाउंड होते है ।

इस पोस्ट में आज मैं आपकों सफल होने का सबसे असरदार तरीका बताऊगा जो आपकी जिंदगी को देखने का पूरा नजरिया बदल देगा लेकिन ध्यान रहे ये कोई Quick fix या शॉर्टकर्ट नही है इसके लिए आपको लगातार मेहनत करनी होगी ।

सफलता का सबले असरदार तरीका ( The Slight edge in hindi )

 

Slight edge in hindi
Slight edge in hindi

 

क्या आपने खरगोश और कछुए की कहानी सुनी है तो दोस्तो मैं वो कछुआ हूँ मुझे थोडा समय दो और मैं दुनिया की किसी भी चुनौती से निकल आऊगा । ज्यादातर लोग यकीन करते हैं की लाइफ में सफल होने के लिए हमें बडें Actions लेने की जरूरत होती है,।

मगर ऐसा नही है आपको सफल होने के लिए हर दिन बडे Actions लेने की कोई जरूरत नही है । आप इतने छोटे एक्शन लेकर भी सफल हो सकते हो जिसकी कोई कल्पना भी नही कर सकता |

चलिए इस Principal को एक कहानी से समझें ये कहानी मेंने डैरेन हार्डी ( Darren hardy ) की किताब The compound effect नाम की किताब से में पढ़ी थी ।

तीन दोस्तों की कहानी

चलिए तीन दोस्तो की बात करें, ये तीनों दोस्त एक ही जगह रहते हैं, इनके घर का आकार भी समान है । और तीनों ही एक साल में 5 लाख कमाते हैं । ये तीनों शादी-शुदा हैं, तथा तीनों का स्वास्थ्य और शरीर का आकार भी एकसमान है ।

पहले दोस्त का नाम राजेश है, राजेश की लाइफ जैसी चल रही है वो वैसी ही चलनें दे रहा है । न तो वह अपनी लाइफ में कोई सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता है और न ही कोई ऐसै काम करता है जिससे उसकी लाइफ में कोई नकारात्मकता आए रजेश Risk लेने से बहुत डरता है ।

इसलिए उसकी लाइफ जैसी पहली थी वैसी ही अब है । दूसरे दोस्त का नाम राजीव है । राजीव ने अपने रेगुलर रूटीन में कुछ सकारात्मक बदलाव करना शुरू कर दियें हैं । वो प्रतिदिन रात को सोने से पहले किसी अच्छी Self-improvement किताब के 10 पेज पढ़ता है और दिन में अपने ऑफिस जाते समय Audio Books सुनता है ।

क्योकि उसे बस से ऑफिस जाने में आधा घंटा लगता है । इसलिए वो आधा घंटा Audio books सुन लेता है । वो अपनी डाइट से 125 कैलोरीस हटाने की सोच रहा है ( इसमें कोई बडी बात नही है उसे केवल एक गिलास सोडे का कप कम करना होगा ) |

इसके अलावा उसने डेली 1 हजार कदम चलना शुरू कर दिया है ( जोकि एक मील से भी कम है ) राजीव अपने जीवन में सफल होना चहाता है इसलिए वो इन छोटे-छोटे एक्शन को ले रहा है उसे पता है की ये एक्शन बहुत छोटे है । देखने वाले को लगेगा की इससे घंटा भी किसी की लाइफ Improve नही होगी ।लेकिन राजीन अपने Actions पर दृढ़ है ।

तीसरे दोस्त का नाम आयुष है । आयुष ने अपने दिनचर्या में कुछ छोटे गलत फैसले लेना शुरू कर दिये हैं । आयुष हाल ही में एक बडा टी०वी लाया है ताकि वो अपने पसंदीदा Coocking चैनल देख सकें | वो चैनलों पर Coocking की रीसेपी देखता है और अपने परिवार के लिए नई-नई पकवान बनाता है पनीर और चीज़ की रेसेपी उसकी पसंदीदा है ।

उसनें अपनी पत्नि से छुपकर एक छोटा सा बियर बार लगा लिया है ताकि वो खाना खाने के बाद एक वियर पी सके और Chill कर सके । आयुष को देख कर कुछ बुरा मालूम नही पढ़ता क्योकि वो तो सिर्फ लाइफ के थोडे मज़े लेना चहाता है ।

पाँच महीनों बाद हमें उन तीनों में कोई फर्क नही दिखता, राजीव प्रतिदिन थोडा पढ़ता रहा, और आयुष लाइफ के मज़े लता रहा। जबकि राजेश अपनी लाइफ में कुछ नही कर रहा । अगर आप उनका वजन की तुलना करते तो आपको थोडा सा भी फर्क नही दिखता ।

10 महीनों बाद भी हमें इन तीनों दोस्तों की लाइफ में कोई फर्क नही दिखता, अगर आप उनकी जिंदगी की तुलना करते तो आपको कोई फर्क नह दिखता । लेकिन 18 महीने बाद हमें उन 3 तीनों में तुलनात्मक अंतर दिखना शुरू हो जाता है । और उनके शारीरिक के आकार में भी थोडा सा अंतर दिखने लगता है । मगर 31 महीनों बाद हमें तीनों दोस्तो में बिल्कुल साफ अंतर देखने को मिलता है ।

आयुष अब फुटबॉल की तरह मोटा हो गया है जबकी राजीव अभी भी फिट और आकर्षक है । क्योकि राजीव नें 125 कैलोरीस के हिसाव से 31 महीनों में 33 पाऊडं वजन कम कर लिया… 31 महीने = 940 दिन 940 x 125 कैलोरीस प्रतिदिन = 117,500 कैलोरीस कम की 117,500 कैलोरीस x 1 पाउडं/3,500 कैलोरीस = 33.5 पाउंड यानी केवल 125 कैलोरीस कम कर के राजीव ने अपना वजन 33.5 पाऊडं कम कर लिया ।

वही आयुष नें इसी दौरान Coocking रैसेपी सीख कर जो पकवान खाए थे उसके द्वारा आयुष नें प्रतिदिन 125 कैलोरीस बढ़ा ली जिसके कारण आयुष का वजन अब राजीव से 67 पाउंड ज्यादा है । लेकिन बात केवल वजन और मोटापे की नही है । राजीव अपने 2 हजार घंटे Self-improvemnt किताबों और Audio books में लगा चुका है ।

तो राजीव नें जो समय Knowledge हासिल करने में लगाया था उसको लीइफ में Aply करने पर उसें ऑफिस में promotion मिल गया और उसकी तनख्वाह बढ़ गई | राजीव का अपनी बीवी के साथ बहुत अच्छे सम्बन्धत चल रहे हैं और दोनो एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं । वही आयुष के अपनी बीवा के साथ तनावग्रस्त रिश्ता चल रहा है । लेकिन कहानी अभी खत्म नही होती ।

आप शायद Ripple effect के बारे में जानते होंगे जिसके अनुसार आपका छोटे से छोटा एक्शन आपके जिदंगी के दूसरें हिस्से में ही असर दिखाता है । आयुष की कहानी में उसने अपना वजन 67 बढ़ा लिया जिसके कारण अब वो Low energy feel करता है और अपने बीवी के साथ कही घूमने नही जाता और न ही उससे बात करता है जिसके कारण उसके वीबी पूराने दिनों को याद करती है और दूखी हो जाती है ।

आयुष ने घर में छोटा सा वियर वार खोला था, एक वियर डेली पीनी के कारण उसें Alcohol की लत लग गई अब वो खुदके ऊपर से कन्ट्रोल खो बैठा है । खुद पर कन्ट्रोल न होने के कारण उसक आत्मविश्वास भी गिर गया जिसके कारण उसकी ऑफिस में Perfomance गिर गई |

क्योकि उसकी ऑफिस में Perfomance गिर गई है इसलिए उसका बॉस उसे काम से निकालने की सोच रहा है । जिसके कारण आयुष तनाव में आ गया है और अब उसके अपनी वीबी से रिश्ते और खराब हो गए जिस कारण उसकी बीवी किसी दूसरे आदमी के साथ भाग गई | अब आयुष और भी ज्यादा दुखी हो गया है । उसके मन में आत्महत्या के विचार आते हैं क्योकि उसे अपना भविष्य काला नज़र आ रहा है ।

तो जैसा की आप ऊपर की कहानी में देख पा रहे है की आयुष की वर्बादी की शुरूआत केवल छोटे पर निरंतर एक्शन के कारण हुई थी । वही राजीव की जिंदगी में भी सकारात्मक बदलाब छोटे पर निंरतर एक्शन्स से आया था |

यही ज्यादातर लोगो की असफलता का कारण है वो छोटे Actions को नज़रअदांज कर देते है पर ये छोटे Actions ही होते हैं जो हमारी जिंदगी में बडे बदलाव लाते हैं । मैं इन छोटे Actions की प्रैक्टिस पिछले तीन सालों से कर रहा हूँ इन पिछले तीन सालों में मेरी जिंदगी बिल्कुल बदल गई है | मैं पिछलें 5 सालों से English सीखने की कोशिश कर रहा था |

लेकिन कई कोशिशों के बाद भी मैं असफल रहा जिसके बाद मेने छोटे Actions वाला फॉर्मूला इस्तेमाल किया और डेली 1 English का शब्द याद करने लगा । और Dolingo पर प्रतिदिन एक English का टास्क पूरा करने लगा |

दो सालों में मेने 730 english के शब्द सीख लिये और Dolingo के सभी टास्क खत्म कर लिए जिसके कारण मेरी English में बहुत Improvement आया | पिछलें एक से में हर दिन एक हजार शब्द लिखता है जिसमें ज्यादा समय नही लगता । प्रतिदिन 1 हजार शब्द लिखने से मेने 100 ब्लॉग पोस्ट लिख दी |

Small actions का उपयोग मेने केवल Blogging और English सीखनें में नही किया बल्कि लाइफ के हर क्षेत्र में Aply किया है । मुझे बताते हुए खुशी हो रही है की मुझे हर बार इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं । तो आप किसी चीज को करने में ज्यादा ऊर्जा और समय नही लगा पा रहे हैं । तो small actions के द्वारा आप Positive बदलाव कर सकते है ।

अगर में इसें Simple फॉर्मूलें में बाटू तो ये कुछ इस तरह होगा…. छोटे Actions+निरंतरता+समय= सफलता आप इस फॉर्मूले को अपने लाइफ में कही भी आजमा सकते हैं ।

लेकिन आपको धीरज भी रखनी पडेगी क्योकि ये बहुत छोटे Actions हैं इसलिए कई बार आपके दिमाग में ख्याल आएगा की इनसे कुछ नही होगा क्योकि ये बहुत छोटे Actions है लेकिन ये छोटे Action ही समय के साथ Compound होकर बडा बदलाव लाएगे |

इस बात का भी विशेष ध्यान रखें की आपसे एक भी दिन Miss न हो, क्योकि अगर आपने एक भी दिन Miss किया तो आपकी भविष्य में Progress रूक जाएगी

resource

अगर आप Small actions की ताकत के बारे में जानना चहाते हैं या ऐसी किताबें तलाश कर रहें जो आपकी जिंदगी बदल दें तो नीचें दिए गए किताबें के नामों पर Click कर के इन्हे Amazon से खरीद सकते हैं ।

मुझे यकीन है की ये किताबें आपकी सोच और जिंदगी दोनो बदल कर रख देंगी ।

THE Slight edge

THE compound effect

The sprite of kaizen

Power of small actions

निष्कर्ष

सफल होने के लिए आपको बढ़े एक्शन लेने की जरूरत नही है, अगर छोटे Actions को निरंतरता के साथ करते रहेगे तो ये समय के साथ कम्पाउंड होकर बढ़े परिणामों में बदल जाएगे

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