शेरनी के परिवार की कहानी । शेरनी की छुपी हुई सोची समझी रणनीति की कहानी।

शेरनी के परिवार की कहानी बताएंगे

एक खास मकसद हासिल करने के लिए सोचे समझे प्रयासों को रणनीति कहते हैं । वन्य जीव में मकसद दोहरा होता है । एक रोजमर्रा की जिंदगी जीना तथा दूसरा है अपनी प्रजाति को बचाए रखना ।

अलग अलग जिव में यह रणनीति अलग पाई जाती है । चाहे वह घास खाने वाले हो, पानी में रहने वाले हो या फिर शिकार करने वाले हो या फिर सरीसृप प्रजाति के हो सकते हैं ।

आज हम शेरनी के परिवार की कहानी बताएंगे । शेरनी के इस परिवार को एक नदी को रोज पार करना होता है । वह बिना भीगे हुए नदी को पार करने का प्रयास करती हैं । ताकि वह अपना पेट भर सके तथा परिवार को पाल सके ।

उसे आदि कामयाबी मिली तथा आती नाकामयाबी मिली । फिर भी उसने नदी को पार करने का एक रास्ता सुझाया है ।

अपनी मां की निगरानी में सब बच्चों ने सबसे सरल रास्ता चुना । उन्होंने भी वही रास्ता चुना जो कि उनकी मां ने उन्हें दिखाया था ।

जबकि शेरनी का एक बच्चा इस खेल में शामिल नहीं है या तो वह डरपोक है या फिर विद्रोही है । वह नदी पार नहीं कर रहा है तथा वहीं पर रुक गया है ।

वह पहले थोड़ा इसकी तरफ गया फिर नदी ने पार करने का फैसला ले लिया । फिर वह नदी की एक तरफ ऐसा किनारा ढूंढने लगा जहां पर कम पानी हो ।

इसकी इस शोध के पीछे एक सोची समझी रणनीति छुपी हुई है । वह इसका दूसरा कारगर तरीका तलाश रहा है । जब शिकारी ऐसे तरीके निकाल रहे हो तब उनके लिए यह बहुत ही काम के साबित होते हैं ।