क्या खाने से कफ होता है? कफ नाशक उपाय,कफ निकालने के आयुर्वेदिक इलाज उपाय ।

क्या खाने से कफ होता है? हर साधारण इंसान खुद को बीमारियों से दूर रखना चाहता है। बीमारियां कई तरह की होती हैं। कई बीमारियां छोटी मोटी होती है तो कई बीमारियां बहुत ही गंभीर होती हैं जिनसे एक इंसान को अपनी पूरी जिंदगी भी problem होती है।

आज का हमारा topic भी इसी से कुछ related है।
आज के article में हम आपको बताएंगे वात पित्त कफ क्या होता है कब कैसे बनता है कैसे उसका treatment हो सकता है।

तो चलिए शुरू करते हैं।

हमारे शरीर में वात पित्त और कफ का सही होना बहुत ही जरूरी है।
इनका तीनों का balance बने रहना बहुत ही important हैं।

तो यह है कुछ चीजें जिनसे कफ होने पर आपको परहेज रखना चाहिए:-

1. सबसे पहला है दूध, अगर आपको जुखाम की वजह से kaph बना हुआ है तो दूध का सेवन ना करें क्योंकि दूध कफ को बढ़ाता है।

2. दूसरी चीज है मक्खन, मक्खन चिकना (oily) होता है।
मक्खन से भी काफी problems बढ़ती है तो कफ होने पर मक्खन के सेवन से भी बचना चाहिए।

3. Pasteurized और packed खाना।
ऐसी चीजों के सेवन से भी कफ बढ़ता है और वैसे भी यह सब हमारे body लिए healthy नहीं होता।

4. अगर आपको कफ की problem बन रही है तो इस time मास और meat से भी परहेज रखना चाहिए।

5. पनीर, पनीर की सेवन से भी kapha पड़ता है।

vaat pitt cough in hindi

अब हमने आपको यह तो बता दिया कि किन चीजों की वजह से कब पड़ता है पर आपके लिए यह जानना भी important है कि वात पित्त और कफ क्या होते हैं।
तो चलिए इसके बारे में आपको बताते हैं।

वात पित्त और कफ तीनों ayurved में त्रिदोष के नाम से जाने जाते हैं।
हर व्यक्ति के body में वात पित्त और कफ तीनों का balanced होना बहुत ही जरूरी होता है अगर एक को लेकर भी balance बिगड़ जाए तो problem हो सकती है।
सबसे पहले बात करते हैं वात बारे में की वात क्या होता है।
वात का दोष हमारे शरीर में ब्लड blood circulation ,सांस लेने की गति, इन सब के balance का काम करते हैं।

पित्त, अब अगर बात की जाए पित्त की तो पित्त दोष हमारे शरीर के पाचन तंत्र(digestive system) से जुड़ा होता है।
पित्त दोष के balanced होने के लिए हमारा पाचन तंत्र अच्छा होना बहुत जरूरी होता है।

कफ, हमारे शरीर में temperature कम होने की वजह से जुखाम बनने पर होता है।

अगर हमारी नाक से बलगम निकलती है तो उसे kaph कहा जाता है।
और अगर हमारे मुंह से बलगम निकलती है तो उसे पित्त कहा जाता है।
वहीं अगर हमारे शरीर से वायु निकले तो उसे वात कहा जाता है।

vat pit kaf meaning in hindi

वात पित्त और कफ को ayurved की भाषा में त्रिदोष कहा जाता है। किसी भी व्यक्ति के body में यह तीनों balanced रहने बहुत ही important है।
हमारे शरीर की क्रियाओं खानपान और हमारे आसपास के environment से यह त्रिदोष effect होते हैं।
वात दोष mostly बुढ़ापे में देखा जाता है।
वही पित् दोष जवानी में होता है।
और कफ mostly छोटे बच्चों में ही देखा जाता है।

vat pit kaf kya hai?

वात पित्त और कफ त्रिदोष होते हैं जिनके imbalance से body में कई सारी बीमारियां होती हैं।
3 दोषों की उत्पत्ति पंचमहाभूता से हुई है।
यह होते हैं जल, वायु ,पृथ्वी ,आकाश और अग्नि।

तो चलिए आपको इन तीनों दोषों के बारे में विस्तार से बताते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं vat dosh की।
Vat dosh मतलब वायु का दोष। Vat दोष का मतलब है body में gas की problem । कई बार ऐसा होता है कि हमारे खान-पान और हमारी दिनचर्या कारण हमें gas की problem होने लगती है।
यह दोष हमारे पेट से जुड़ा होता है।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम jo oxygen हमारे शरीर में लेते हैं उससे हमारा खून purify होता है और हमारे body के बाकी अंग काम करते हैं।
Ayurved के अनुसार यह माना जाता है कि शरीर में ज्यादातर बीमारियां vat दोष को लेकर ही होती हैं।

तो अब बात करते हैं pit दोष की।
Ayurved के अनुसार जो पित् दोष है वह जल और अग्नि से मिलकर बना है। शरीर में गर्मी उत्पन्न करने वाला तत्व ही पित्त होता है।
पित्त का काम हमारे body में khane को पचाने का होता है। जिस इंसान को भोजन के पाचन की problems होती है उसे pit संबंधी problems भी होती हैं।

कफ, बात की जाए kaph की तो kaph को बलगम के नाम से भी जाना जाता है।
Kaph दोष जो है वह जल और पृथ्वी से मिलकर बना है। कफ दोष भी हमारे body के लिए important होता है यह हमारे शरीर के सभी अंगों को पोषित रखता है। शरीर में kaph का imbalance होने से body की rog प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिसके कारण वह व्यक्ति बहुत जल्दी बीमार पड़ने लग जाता है। ऐसे insan सर्दी को लेकर बहुत ही संवेदनशील होते हैं। थोड़ी सी सर्दी लगने पर ही बीमार हो जाते हैं।

cough kaise banta hai

हमारे body में कफ यानी बलगम सर्दी के कारण बनता है। हमारे शरीर में जो kaph पहले से मौजूद होता है वह हमारे शरीर के बाकी अंगों को पोषण देता है पर अगर kaph का balance हमारे शरीर में बिगड़ जाए तो यह हमारे शरीर में कई सारी बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
Ayurved के according kaph यानी बलगम जल और पृथ्वी से मिलकर बना होता है।

बलगम क्यों बनता है ?

बलगम यानी kaph को अंग्रेजी में post nasal drip कहां जाता है। हमारे गले में mucus glands मौजूद होते हैं। जो कि हमारे गले में नाक में या हमारी wind pipe कोई भी गंदगी या bacteria जैसी चीज प्रवेश करती है तो वह mucus glands एक तरह की secration करने लग जाती हैं और यह secration बढ़ने पर वह बलगम बनने लग जाता है।

कफ नाशक उपाय,कफ निकालने के उपाय ।

अगर कभी जुखाम की वजह से या किसी और infection की वजह से हमारे नाक या गले में बलगम बनने लग जाता है या kaph बनने लग जाए तो उससे बहुत ही problem होती है। हर वक्त दिमाग में यही चलता रहता है कि इसे बाहर निकालने क्योंकि उसे काफी irritation होती है किसी भी काम पर ध्यान नहीं दिया जाता।
कफ नाश करने के लिए या कफ को निकालने के लिए, दूर करने के लिए बाजार में कई तरह की दवाइयां मिलती है पर kaphको दूर करने के लिए कई सारे घरेलू उपाय भी हैं।
ऐसे ही कुछ घरेलू उपाय हैं यह जिन्हें try आप कफ का नाश कर सकते हैं।

1.कफ को दूर करने के लिए सबसे उपयोगी माना जाता है गुड और शहद।
अगर आप kaph को दूर करना चाहते हैं या kaph निकालना चाहते हैं तो गुड़ का सेवन करें।

2. हम सभी यह जानते हैं कि सोंठ और अदरक शरीर में गर्मी बनाते हैं।
Kaph को दूर करने के लिए सोंठ और अदरक भी काफी उपयोगी माने जाते हैं।

3.कई लोगों का यह मानना है कि पान का पत्ता जो होता है वह kaphको दूर करने के लिए काफी effective होता है।

कफ का उपचार – kaf ka upchar

कफ के उपचार या इलाज के लिए अंग्रेजी दवाइयों के साथ-साथ कई ayurvedic औषधियां भी हैं जिनके use से कफ का treatment किया जा सकता है।
Kaph के उपचार के लिए सबसे असरदार माना जाता है अदरक को। अदरक के use से बलगम यानी kaph को ठीक किया जा सकता है।

गले में कफ चिपकना

Kaph यानी बलगम एक पतला ,चिपचिपा और पीला सफेद fluid होता है जो हमारे गले में मौजूद mucus glands secrate करते हैं ताकि हमारे गले और nasal pipe के अंदर enter हुए foreign particles को body में जाने से रोक सके।

यह kaph जब बढ़ जाता है तब गले में और नाक में चिपकने लगता है इसे बलगम कहा जाता है।
नाक और गले में बलगम के बनने से काफी irritation पैदा होती है।

गले से कफ निकालने का उपाय

गले से कफ निकालने के लिए सबसे असरदार और आसान trick है अदरक और तुलसी की चाय।
अदरक और तुलसी आसानी से हर किसी के घर में मिल जाती है और इनके सेवन से कोई भी नुकसान भी नहीं होता।
गले से कफ को निकालने के लिए tulsi अदरक और शहद की चाय बनाकर पीए इससे आपको बहुत जल्दी असर होगा।

कफ रोग

त्रिदोष जोकि वात पित्त और कफ हैं उन्हीं में से एक दोष होता है कफ। हमारे शरीर में बहुत ही important होता है पर हमारे body में kaph का balance बिगड़ जाने से कई तरह की बीमारियां होने लगती हैं।
उन्ही बीमारियों में से एक है cough यानी खांसी।

जब गले में बलगम ज्यादा बनने लग जाता है और वह गले में चिपकने लग जाता है तो उसके कारण खांसी बढ़ जाती है।

कफ नाशक औषधि

Kaph के नाश के लिए कई सारी औषधियां है।
इन्हीं में से कुछ औषधियों के नाम है ये:-

1. ब्राम्ही
2. चंदूसूर
3. मोइया
4. नागदोन
5. तुलसी

patanjali medicine for kapha dosha

अन्य ayurvedic औषधियों की तरह patanjali की भी कई सारी दवाइयां है जो कफ को दूर करने के लिए use ki जाती है।

यह कुछ patanjali की दवाइयां kaph के लिए।

1. पतंजलि चवनप्राश

2. पतंजलि शिलाजीत

3. पतंजलि अश्वगंधा

4. पतंजलि दिव्य लवंगादि वटी

5. झंडू प्रखर संदीघता पिद हर वटी

कफ का आयुर्वेदिक इलाज cough treatment in ayurveda in hindi

Ayurved me आज के time में हर बीमारी का इलाज है। आयुर्वेद हमारे देश में बहुत पुराने time से है।
आयुर्वेद के इलाज और उपचार से कोई भी side effect नहीं होते इसी वजह से कई लोग जिन्हें अंग्रेजी दवाइयां लेना पसंद नहीं होता वह ayurvedic दवाइयां लेना पसंद करते हैं।

अब जहां ayurved में हर बीमारी का इलाज है वही आयुर्वेद में kaph का भी treatment है।

यह है कब के कुछ ayurvedic इलाज।

1. Ayurved के अनुसार हल्दी एक औषधि के रूप में use की जाती है। हल्दी हमारे शरीर में किसी भी प्रकार के infection या किसी भी चोट को जल्दी भरने के लिए use की जाती है।
Kaph के इलाज के लिए भी दूध में हल्दी मिलाकर पीने से बहुत जल्दी कफ ठीक हो जाता है।

2. काली मिर्च और हींग को भी काफी effective माना जाता है कफ के इलाज के लिए।
Kaph दूर करने के लिए कालीमिर्च को पीसकर उसमें थोड़ी हींग मिलाकर गुड़ मिलाकर उसे खाना चाहिए।

3. दालचीनी और जायफल इन दोनों को मिलाकर इनके use से भी कब्ज को दूर किया जा सकता है।

4. सर्दी और kaph को दूर करने के लिए अजवाइन को पानी में उबालकर उस पानी को पीना चाहिए।

5.तुलसी और अदरक की चाय भी काफी effective मानी जाती है kaph को ठीक करने के लिए।

vat pit kaf ka ilaj in hindi

वात पित्त और कफ को ayurved में त्रिदोष के नाम से जाना जाता है। यह त्रिदोष पंचमहाभूतों से मिलकर बने होते हैं। मानव शरीर भी पंचमहाभूता का ही बना होता है यह तो हम सभी जानते हैं।

त्रिदोषों में से अगर किसी का भी शरीर में balance बिगड़ जाए तो उससे कई प्रकार की बीमारियां बन सकती हैं।
वात पित्त और कफ के इलाज के लिए कई सारे घरेलू उपाय होते हैं। ऐसे ही कुछ उपाय है यह इन्हें try करके आप बात पित्त और कफ का इलाज कर सकते हैं।

बाबा रामदेव के अनुसार वात पित्त और कफ के इलाज के लिए सबसे असरदार और सबसे जल्दी असर दिखाने वाला उपाय है गेहूं के जवारे और alovera के जूस का सेवन।

कफ नाशक उपाय

वैसे तो kaph का नाश करने के लिए कई सारे उपाय होते हैं। हम सभी जानते हैं कि आप हमारे शरीर में kaph बढ़ने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देता है जिसके कारण हमारा शरीर बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो जाता है और हम बहुत जल्दी बीमार पड़ने लग जाते हैं।

कफ को दूर करने के लिए आप यह उपाय try कर सकते हैं।
इस उपाय के लिए use होने वाली सारी सामग्रियां या सारी चीजें आपको अपनी रसोई में आसानी से मिल सकती हैं।

सबसे पहले आप एक बर्तन में पानी उबालने के लिए चढ़ा दें और उस पानी में 5 से 6 लॉन्ग डाल दे। लॉन्ग जो है वह एक antibiotic के तौर पर use की जाती है सर्दी खांसी है जुखाम में लॉन्ग का use किया जाता है सर्दी खांसी जुकाम ठीक करने के लिए।
उस पानी को अच्छे से उबालने और एक चौथाई हो जाने पर gas को बंद कर दें। थोड़ा ठंडा होने के बाद जब पानी गुनगुना सा रहे तब उसे पी ले। दो तीन बार ऐसा करने पर आपको असर नजर आ जाएगा।

what is kapha dosha . cuff meaning in hindi

कफ दोष जो है वह ज्यादातर बच्चों में देखा जाता है। Kaph दोष जो है वह ayurved के पंचभूतों में से दो तत्व जो कि जल और पृथ्वी है उनसे मिलकर बना है।
हमारे शरीर में सर्दी लगने और हमारे गले या हमारी नाक में कोई भी infection या foreign particle के प्रवेश करने पर हमारे गले में मौजूद म्यूकस glandsजो secretion करते हैं वह कफ होता है।

cough meaning in hindi. meaning of cough in hindi

Kaph का हिंदी में मतलब होता है बलगम।
कफ हमारे शरीर में जब कोई infectionबनता है या कोई bacteria प्रवेश करता है तब बनता है।
यह तो हमारे शरीर में इसीलिए बनता है ताकि उस foreign particleको वही की वही रोक ले और शरीर के और अंदर प्रवेश ना करने दें ।
पर अगर हमारे शरीर में kaph का नियंत्रण बिगड़ जाता है तो यह कई तरह की बीमारियों कारण बन सकता है।

 

तो यह थी कुछ information त्रिदोषों वात पित्त और कफ के बारे में । आशा करते हैं आज का article आपको पसंद आया होगा।

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