चपटी नाक वाले बंदर और वाइपर के बारे में रोचक जानकारी

वाइपर के बारे में रोचक तथ्य

1 – समुद्र तल से 4000 मीटर ऊपर दक्षिणी चाइना के पहाड़ों में इतनी ऊंचाई पर पेड़ों को सरवाई करने का रास्ता कहीं ना कहीं से मिल ही जाता है ।

2 – लेकिन जब महीनों तक बर्फ से ढके इस पर्वत पर तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट से भी काफी नीचे चला जाता है तो इतनी ऊंचाई पर कुछ ही जानवर ऐसे हालात का सामना कर पाते हैं और जिंदा रह पाते हैं ।

3 – यह बर्फीले पहाड़ बेहेद ही खतरनाक है । फिर भी लोग मानते आए हैं कि यहां पर येदि जैसे लोग रहते हैं जो आधे इंसान तथा आधे बंदर है और यह बात पूरी तरह झूठ भी नहीं है ।

4 – किसी तरह से बुरे हालात का सामना करने में काबिल चपटी नाक वाले यह बंदर बाकी प्रजातियों के मुकाबले सबसे ऊंची जगह पर रहते हैं । यह अजीब से बंदर करीब साठ साठ के झुंड में रहते हैं ।

5 – ऊंचे पहाड़ों पर अकेले रहने वाले इन बंदरों के पास खराब हालात का सामना करने के कई तरीके है । इनके दांत की हड्डी नहीं होती है । जिसे यह फर्स्ट बाइट से बचे रहते हैं और इनकी नाक इस बुरी ठंड से बची हुई रहती है ।

6 – इनका मोटा फर भी इनके शरीर को गर्मी देने के लिए बना है । इस पूरे माहौल में यहां पर कोई भी फल तथा पतियां नहीं मिलती है । इसलिए यहां पर इन बंदरों को पेड़ की छाल तथा पाइन के बीजों को ही खाना पड़ता है ।

7 – खुशकिस्मती से यह चीज बहुत मिल जाती है । इन बुरे हालात में बहुत कम जानवर जिंदा रह पाते हैं । इसीलिए यहां पर यह बंदर अकेले में शांति में रहते हैं । लेकिन कभी-कभी दूसरे झुण्ड का बंदर इनके इलाके में घुसने की कोशिश करता है । जिसकी वजह से तनाव शुरू हो जाता है ।

8 – यदि किसी झुंड का मेल अल्फा फिमेल पर अपनी किस्मत आजमाने आ जाए तो अल्फा मेल को ही उसे रोकना पड़ता है । फिर लड़ाई शुरू हो जाती है । चपटी नाक वाले इन बंदरों के बड़े-बड़े केनाईन दांत होते हैं । जो कि किसी भी चीज को खतरनाक बना सकते हैं ।

वाइपर के बारे में रोचक तथ्य

1 – घुसपैठिया पूरे जोर-शोर से शोर मचा रहा है । जबकि झुंड के अल्फ़ा मेल ने उसके गर्म खून को ठंडा कर दिया है । इस प्रकार घुसपैठियों को पहाड़ीयों के दूसरी तरफ अपने झुण्ड के पास फिर लौटना पड़ा ।

2 – चपटी नाक वाले यह बंदर बड़े ही फुर्तीले होते हैं और पेड़ की डाली पर झूलते हुए बड़ी तेजी से आगे बढ़ते हैं । जैसे ही रात होने लगती है । तापमान और भी गिरने लगता है । उनका मोटा फर भी इस ठण्ड से उनको बचाने के लिए काफी नहीं होता है ।

3 – ऐसे में जिंदा रहने के लिए यह बंदर आपस में चिपक कर के बैठते हैं और पैरों की खतरनाक ठंड से लड़ने के लिए एक दूसरे को अपने शरीर की गर्मी देते हैं ।

4 – लेकिन हैरत की बात यह है कि लेकिन दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान सहारा में भी तापमान रात को फ्रीजिंग प्वाइंट से दी नीचे चला जाता है ।

5 – सूरज निकलने के कुछ ही घंटों बाद तापमान 35 डिग्री तक पहुंच जाता है । भयंकर गर्मी और रेगिस्तान में लगातार आने वाले रेतीले तूफान इस जगह को इतना खतरनाक बना देते हैं ।

6 – कि जीना मुश्किल हो जाता है । लेकिन जिन जानवरों ने खुद को इन हालात के मुताबिक ढाल लिया है ।उनके लिए यह गर्मी ही उर्जा का सबसे बड़ा स्रोत होती है ।

7 – सेंटफिश का चिकना शरीर और छोटे मजबूत पैर रेगिस्तान में घूमने के लिए एकदम सही होते हैं । इसके कान और नाक भी काफी छोटे होते हैं । जिससे कि रेत इसके नाक और फेफड़ों में ना जा पाए ।

8 – Sent fees को इस खराब माहौल के हिसाब से सही बनाया गया है । लेकिन इसका खतरनाक दुश्मन भी इसके जैसा ही खतरनाक है । वाइपर एक खतरनाक शिकारी होता है और सेंट पीसीएस का मनपसंद खाना है ।

9 – ज्यादातर जानवरों को रेत के ऊंचे ऊंचे टीलों में चलने में दिक्कत होती है । लेकिन इस वाइपर ने इन तपती हुई रेत पर चलने का तरीका निकाल लिया है ।

10 – लुढ़ककर नीचे गिरने से बचने के लिए यह अपने शरीर के लंबे सिरों से पकड़कर बनाकर बाकी शरीर को बार-बार घुमाता हुआ अपनी चाल को बढ़ा लेता है । इसीलिए इसे साइड वाइपर भी कहा जाता है ‌ ।

वाइपर के बारे में रोचक तथ्य

रेगिस्तानी जीव के बारे में जानकारी

यह तरीका इसे बहुत ज्यादा गर्मी से भी बचाता है । क्योंकि इसमें इसका शरीर तपती गर्मी से ज्यादातर ऊपर उठा देता है । लेकिन इस वक्त इसे शिकार की महक आ रही है ।

लगता है यह सेटफिश अब निकल नहीं सकती है । यह अभी भी अपने शरीर को गर्म कर रही है । जबकि यह वाइपर इसके बहुत पास आ गया है ।

सैंडफिश को पता है कि वह वाइपर से बचकर के भाग नहीं सकती है । यह पूरा वक्त लेकर के हमला करने के लिए तैयार है । ऐसा लगता है कि अब सेंडफिश को मरने से कोई नहीं बचा सकता है ।

लेकिन सेटफिश के पास भी रेगिस्तान में जिंदा रहने के लिए एक सीक्रेट हथियार है । सेटफिश रेत में गोता लगाया और वाईपर को चकमा देकर के निकल गई । यही वह कमाल की चाल है । जिसके बदौलत इसका नाम सेटफिश पड़ा ।

खुद को बचाने के लिए यह रेत के अंदर तैरती है । अपने सीधे और चिकने शरीर की वजह से रेगिस्तान के अंदर बड़ी तेजी से तैर कर अपने दुश्मन से दूर जा सकती है । अब वाइपर को अपने नाश्ते के लिए कोई और शिकार ढूंढना पड़ेगा ।

भयंकर गर्मी और छांव की कमी की वजह से शिकारियों को इस रेगिस्तान में शिकार करना बहुत मुश्किल होता है ।