पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम। पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने के कारण और रोकने के उपाय। Period ki heavy bleeding rokne ki tablet ka naam .

पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम। पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने के कारण और रोकने के उपाय। Period ki heavy bleeding rokne ki tablet ka naam .

पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम। पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने के कारण और रोकने के उपाय। Period ki heavy bleeding rokne ki tablet ka naam . हैवी ब्लीडिंग के कारण
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महिलाओं में पीरियड के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने के बहुत से कारण होते हैं । हेवी ब्लीडिंग को मीनोरेजिया(menorrhagia) भी कहा जाता है। जब एक महिला को लगातार मासिक धर्म के दौरान बहुत ज्यादा खून आता है तो उसे हेवी ब्लीडिंग या मीनोरेजिया कहते हैं। बहुत कारणों से कई बार महिलाओं में पीरियड के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने की समस्या हो जाती है। कई बार संक्रमण हो जाने व सूजन की वजह से भी हेवी ब्लीडिंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हेवी ब्लीडिंग का मतलब जरूरी नहीं है कि कुछ भी गंभीर रूप से गलत है। लेकिन यह एक महिला को शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रभावित कर सकता है ।

पीरियड साइकिल के दौरान हेवी ब्लीडिंग के कौन कौन से कारण हो सकते हैं ?

  1. P.C.O.D या P.C.O.S – यदि किसी महिला को P.C.O.D या P.C.O.S की प्रॉब्लम है तो पीरियड साइकिल के दौरान हेवी ब्लीडिंग होती है। P.C.O.D या P.C.O.S पीरियड के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने का कारण माना जाता है ।
  2. Pelvic region cyst या pelvik tumor – यदि किसी महिला को Pelvic region cyst या Pelvic tumor है तो भी पीरियड साइकिल के दौरान हेवी ब्लीडिंग हो सकती है । Pelvic region cyst या pelvik tumor पीरियड के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने का कारण माना जाता है ।
  3. Fibrous uterus में शिष्ट या Fibrous – यदि किसी महिला को Fibrous uterus में शिष्ट या Fibrous है तो भी पीरियड साइकिल के दौरान हेवी ब्लीडिंग हो सकती है।
  4. P.I.D या pelvik में इंफेक्शन – P.I.D या pelvik में इंफेक्शन होने की वजह से भी पीरियड साइकिल के दौरान हेवी ब्लीडिंग हो सकती है।
  5. मेनोरेजिया – मेनोरेजिया कही वजह से हो सकती हैं । कई बार हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं जो कि हेवी ब्लीडिंग का कारण बनते हैं। महिलाओं के यूट्रस में हर महीने एक परत बनती है। ये परत मासिक धर्म के दौरान शरीर से ब्लीडिंग के जरिए बाहर आती है । जब शरीर में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं तो ये परत काफी मोटी हो जाती है । ऐसे में पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग के रूप में ये परत बाहर आती है।
  6. फाइब्रॉएड्स – कई बार हैवी ब्लीडिंग होने का कारण गर्भाशय में फाइब्रॉएड्स का होना हो सकता है । ऐसे में पीरियड साइकिल के दौरान ब्लीडिंग लंबे समय तक भी हो सकती है।
  7. कैंसर – गर्भाशय में कैंसर या फिर अंडाशय में कैंसर होने के कारण भी पीरियड साइकिल के दौरान हेवी ब्लीडिंग हो सकती है। आनुवांशिकता ​की वजह से भी कई बार ऐसा होता है।

हैवी ब्लीडिंग के कारण

  1. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन – महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ना भी हेवी ब्लीडिंग का कारण हो सकता है।
  2. Thyroid gland – Thyroid gland का प्रॉपर वर्क नहीं करना भी हेवी ब्लीडिंग का कारण हो सकता है।
  3. Blood disorder या thrombocytopenia – Blood disorder या thrombocytopenia की प्लेटलेट्स काउंट कम होना भी हेवी ब्लीडिंग का कारण हो सकता है।
  4. Cervix polyp – cervix एरिया के आसपास cervix polyp है तो भी हेवी ब्लीडिंग का कारण हो सकता है।
  5. सर्विकल या एंडोमेट्रियल पॉलिप्स(cervical or endometrial polyps) – गर्भाशय या सर्विक्स(गर्भाशय ग्रीवा) की आंतरिक परत में गैर कैंसरकारी कोशिकाएं विकसित होना सर्विकल या एंडोमेट्रियल पॉलिप्स(cervical or endometrial polyps) कहा जाता है । यह भी हेवी ब्लीडिंग का कारण हो सकता है।
  6. एंडोमेट्रियोसिस(endometriosis) – जब गर्भाशय की कोशिकाओं के छोटे टुकड़े जैसे- फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, मूत्राशय या योनि गर्भाशय के बाहर फैलने लगते हैं तो इसे एंडोमेट्रियोसिस(endometriosis) कहते हैं, इस कारण हेवी ब्लीडिंग हो सकती है।
  7. यूटरिन फाइब्रॉयड (fibroids) – गर्भाशय में ग़ैर कैन्सरस कोशिकाओं का विकसित होना यूटरिन फाइब्रॉयड (fibroids) कहा जाता है, जो कि श्रोणि (पेल्विक) में दर्द की वजह बनती है, जिससे हेवी ब्लीडिंग हो सकती है ।
  8. एक अंडरएक्टिव थायराइड ग्रंथि (हाइपोथायराइडिज्म) – एक अंडरएक्टिव थायराइड ग्रंथि (हाइपोथायराइडिज्म) हेवी ब्लीडिंग का कारण तो हो ही सकती है ,साथ ही यह थकान, कब्ज, असहनीय ठंड और बालों व त्वचा में बदलावों का कारण भी बन सकती है।

पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम

पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम। पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने के कारण और रोकने के उपाय। Period ki heavy bleeding rokne ki tablet ka naam . पीरियड रोकने के लिए कौन सी टेबलेट ले?

1 . Tranexamic acid पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट – Tranexamic acid tablet हेवी ब्लीडिंग को रोकने के लिए निर्धारित है। Tranexamic acid tablet एंटीफिब्रिनोलिटिक के रूप में काम करती है । खून के थक्कों को बहुत तेजी से विघटित होने से रोकती है, जिससे पीरियड ब्लीडिंग कम होती है।

2 . Texakind पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट – Texakind tablet भारी रक्तस्राव को रोकने का कार्य करती है। Texakind 500 Mg Tablet का यूज़ रक्तस्राव को रोकने के लिए इलाज और उपचार के लिए किया जाता है । Texakind 500 Mg Tablet के साइड इफेक्ट दवा को छोड़ने के कुछ ही दिनों के बाद दिखना बंद हो जाते हैं । इसके अलावा Texakind 500 Mg Tablet का use एब्नार्मल यूटराइन ब्लीडिंग , हीमोफीलिया,
गर्भावस्था में खून आना , पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग रोकने के लिए इलाज के तौर पर किया जाता है ।

3 . Trenaxa 500mg पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट – Trenaxa 500mg tablet भारी रक्तस्राव के लिए मुख्य रूप से काम करती है ।Trenaxa 500mg tablet की खुराक मरीज की उम्र,लिंग और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं पर निर्भर करती है।

  1. Misogon 200mg पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट – Misogon 200mg टेबलेट पीरियड ब्लीडिंग को रोकने का कार्य करती है । इसके साथ ही मिसोगोन 200mg टेबलेट एक प्रकार की गर्भनिरोधक दवा अर्थात गर्भपात की दवा है। जिससे अनचाहे गर्भ से छुटकारा मिल सकता है। मिसोगोन 200mg टेबलेट को जब कोई महिला लेती है या सेवन करती है , तब इसका असर गर्भाशय पर पड़ता है । यह गर्भाशय को संकुचित कर देती है । Misogon 200mg table के सेवन से गर्भाशय में कसाव उत्पन्न होता है ।
  2. ट्रिलियम पेंडुलम tablet -ट्रिलियम पेंडुलम tablet का उपयोग पीरियड ब्लीडिंग रोकने के लिए किया जाता है । ट्रिलियम पेंडुलम tablet बेहोशी और चक्कर आने जैसे लक्षणों को भी प्रबंधित कर सकती है। ट्रिलियम पेंडुलम tablet का उपयोग ब्लीडिंग और खून की कमी को रोकने के लिए किया जाता है।
  3. स्टैनम मेटालिकम tablet – स्टैनम मेटालिकम tablet का प्रयोग पीरियड ब्लीडिंग रोकने के लिए किया जाता है। स्टैनम मेटालिकम tablet जल्दी व ज्यादा मात्रा में पीरियड्स को रोकती है ।
  4. फेरम फास्फोरिकम tablet – फेरम फास्फोरिकम tablet जल्दी और ज्यादा पीरियड ब्लीडिंग को रोकती है। फेरम फास्फोरिकम tablet की मदद से कमजोरी का प्रबंधन किया जा सकता है।
  5. एरीगरन कैनाडेंस tablet – एरीगरन कैनाडेंस tablet लंबे समय तक व ज्यादा मात्रा में ब्लीडिंग होना रोकती है ।
  6. क्रोकस सैटिवस tablet – क्रोकस सैटिवस tablet का उपयोग पीरियड ब्लीडिंग को रोकने और पतला, देर तक और धागे की संरचना जैसा मासिक धर्म को रोकने का काम करती है।
  7. कैमोमाइल tablet – कैमोमाइल tablet गर्भाशय से हो रही ब्लीडिंग को रोकती है। कैमोमाइल tablet का उपयोग मुख्य रूप से बहुत तेज दर्द और सुन्नता से राहत प्रदान करने में किया जाता है। ब्लीडिंग रोकने के लिए कौन सी दवा

पीरियड्स में खून रोकने की दवा । ब्लीडिंग रोकने के लिए कौन सी दवा लेना चाहिए । ब्लीडिंग रोकने के लिए कौन सी दवा का यूज़ करना चाहिए । कौन सी दवा से पीरियड ब्लीडिंग रुक जाती है । ब्लीडिंग रोकने के लिए दवा का नाम । पीरियड रोकने के लिए कौन सी टेबलेट ले?

1 . Tranostate 500 mg tablet ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए Tranostate 500 mg tablet टेबलेट ले?

2 . Trapic 500 mg tablet ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए Trapic 500 mg tablet टेबलेट ले?

3 . Tranexa 500 mg tablet ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए Tranexa 500 mg tablet टेबलेट ले?

  1. कैनाबिस इंडिका tablet ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए कैनाबिस इंडिका टेबलेट ले?
  2. कैल्केरिया कार्बोनिका tablet ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए कैल्केरिया कार्बोनिका टेबलेट ले?
  3. बेलाडोना tablet ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए बेलाडोना टेबलेट ले?
  4. फास्फोरस ब्लीडिंग रोकने की दवा। पीरियड रोकने के लिए फास्फोरस टेबलेट ले?
  5. Tranostate 500 mg tablet का प्रयोग ब्लीडिंग रोकने में किया जाता है । Tranostate 500 mg tablet पीरियड्स में खून रोकने की दवा है । Tranostate 500 mg tablet कितनी मात्रा में लेनी चाहिए, यह मरीज की आयु,वजन और समस्या पर निर्भर करता है।
  6. Trapic 500 mg tablet का प्रयोग ब्लीडिंग रोकने में किया जाता है । इसके अलावा Trapic 500 mg tablet को गर्भावस्था में लेने पर इसका मध्यम प्रभाव पड़ता है।
  7. Tranexa 500 mg tablet का प्रयोग ब्लीडिंग रोकने में किया जाता है । Tranexa 500 mg tablet हीमोफिलिया रोगियों में अल्पकालिक उपयोग के लिए निर्धारित है। यह ब्लीडिंग में कमी करती है।
  8. कैनाबिस इंडिका tablet ब्लीडिंग रोकने में काम में ली जाती है। इसके अलावा कैनाबिस इंडिका tablet पीरियड्स में होने वाला दर्द ,बिना थक्के के बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना, पीरियड्स के दौरान पीठ के दर्द को ठीक करती है।
  9. कैल्केरिया कार्बोनिका tablet मेनोरेजिया और ब्लीडिंग में असरदार उपाय है। कैल्केरिया कार्बोनिका tablet पीरियड्स के दौरान गर्भाशय में चुभन जैसा दर्द,सिरदर्द, पेट में दर्द और पीरियड्स से पहले योनि से डिस्चार्ज से भी राहत देती है
  10. बेलाडोना tablet – बेलाडोना tablet जल्दी व समय से पहले ब्लीडिंग को ठीक करती है ,इसके साथ ही बेलाडोना tablet प्रसव के बाद योनि से बलगम और खून डिस्चार्ज होना,मासिक धर्म के खून में बदबू जैसी दिक्कत ठीक करती है ।
  11. फास्फोरस ब्लीडिंग रोकने की दवा – फास्फोरस ब्लीडिंग को रोकने में काफी मददगार है, इसके साथ ही फास्फोरस आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया,योनि से ज्यादा मात्रा में सफेद डिस्चार्ज,पीरियड्स से पहले रोना,समय से पहले और देर तक पीरियड्स आदि से राहत प्रदान करता है।

Tranexamic acid पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम

Tranexamic acid tablet का प्रयोग पीरियड्स के दौरान होने वाली हेवी ब्लीडिंग को रोकने के लिए किया जाता है।

Tranexamic acid tablet का सेवन – Tranexamic acid tablet का सेवन खाना खाने के बाद ही करना चाहिए। Tranexamic acid tablet का सेवन सुबह, दोपहर और रात के खाने के बाद ही किया जाता है। Tranexamic acid tablet के सेवन से आपकी पीरियड ब्लीडिंग कम हो जाएगी।

Texakind पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम

Texakind टेबलेट – Texakind टेबलेट पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट है, जिससे पीरियड से होने वाली हेवी ब्लीडिंग को रोका जा सकता है।

Texakind टेबलेट का सेवन – Texakind टेबलेट का सेवन खाना खाने के बाद ही करें । खाना खाने से पहले सेवन करने से पेट दर्द की समस्या हो सकती है। यदि लिवर या किडनी से संबंधित कोई भी समस्या है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

Trenaxa 500mg पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट

Trenaxa 500mg – Trenaxa 500mg टेबलेट पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट है। Trenaxa 500mg का प्रयोग पीरियड के दौरान होने वाली हेवी ब्लीडिंग को रोकने के लिए किया जाता है।

Trenaxa 500mg टेबलेट का सेवन – Trenaxa 500mg टेबलेट का सेवन हमेशा खाना खाने के बाद किया जाता है। लीवर और किडनी से संबंधित रोगी को पहले अपने डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए।

पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम मिसोगोन 200mg tablet

मिसोगोन 200mg tablet – मिसोगोन 200mg tablet पीरियड ब्लीडिंग रोकने की व गर्भपात की दवा है। मिसोगोन 200mg tablet का प्रयोग डिलीवरी के बाद होने वाली ब्लीडिंग को रोकने के लिए किया जाता है। मिसोगोन 200mg tablet गर्भाशय को संकुचित करके गर्भपात कराने का काम करती है।

पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट नाम Trapic 500mg tablet .

Trapic 500mg tablet – Trapic 500mg tablet पीरियड ब्लीडिंग रोकने की टेबलेट है। Trapic 500mg tablet महिलाओं में पीरियड ब्लीडिंग को कम करके रोकने का काम करती है । Trapic 500mg tablet का असर 10 से 30 मिनट के भीतर शुरू हो जाता है ।

हेवी ब्लीडिंग रोकने के उपाय

  1. यदि आपको हेवी ब्लीडिंग हो रही है तो आप को खून की कमी हो सकती है। ऐसे में दो से चार कप ज्यादा पानी पिएं । ज्यादा पानी को बैलेंस करने के लिए अपने खाने में नमक की मात्रा बढ़ाएं।

2 . दालचीनी की एक स्टिक द्वारा तैयार की हुई चाय हेवी ब्लीडिंग को रोकने में मददगार साबित होती है। हेवी ब्लीडिंग को रोकने के लिए दिन में दो बार इस चाय का इस्तेमाल करें।

  1. कुछ मिनट अदरक को पानी में उबालकर उसमें चीनी या शहद मिलाकर काम में लेने से हेवी ब्लीडिंग में आराम मिल सकता है । इस मिश्रण को भोजन करने के बाद दिन में तीन बार काम में लिया जा सकता है।
  2. विटामिन सी शरीर में हेवी ब्लीडिंग को रोकने का काम करता है। आप नींबू, संतरा ,आंवला जैसे खट्टे फल खा सकते हैं। कीवी ,टमाटर ,ब्रोकली में भी विटामिन सी होता है।
  3. धनिया महिलाओं में हेवी ब्लीडिंग को रोकने का कार्य करता है । आधा लीटर पानी में लगभग 6 ग्राम धनिया के बीज डालकर उबालें ,अब इसमें शक्कर मिलाएं। पीरियड के दौरान हो रही है ब्लीडिंग में इसका इस्तेमाल करें।